Somnath Jyotirlinga Pauranik Katha: क्यों है चांद में दाग, पढ़ें श्रापित चंद्रदेव की तपस्या और महादेव के वरदान से जुड़ी कथा

Edited By Updated: 09 Jan, 2026 09:38 AM

somnath jyotirlinga pauranik katha

Somnath Jyotirlinga Pauranik Katha: सनातन धर्म में ज्योतिर्लिंगों का अत्यंत विशेष महत्व है। ये वे पवित्र स्थल हैं जहां स्वयं भगवान शिव प्रकाश स्वरूप में प्रकट हुए थे। इन्हीं 12 ज्योतिर्लिंगों में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग को प्रथम ज्योतिर्लिंग होने का...

Somnath Jyotirlinga Pauranik Katha: सनातन धर्म में ज्योतिर्लिंगों का अत्यंत विशेष महत्व है। ये वे पवित्र स्थल हैं जहां स्वयं भगवान शिव प्रकाश स्वरूप में प्रकट हुए थे। इन्हीं 12 ज्योतिर्लिंगों में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग को प्रथम ज्योतिर्लिंग होने का गौरव प्राप्त है। गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में अरब सागर के तट पर स्थित यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि इससे जुड़ी पौराणिक कथा भक्ति, तपस्या और शिव कृपा का अनुपम उदाहरण भी प्रस्तुत करती है।

PunjabKesari Somnath Jyotirlinga Pauranik Katha

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की कथा चंद्रदेव के श्राप, उनकी कठोर तपस्या और भगवान शिव से प्राप्त दिव्य वरदान से जुड़ी हुई है। आज भी यह तीर्थ स्थल श्रद्धालुओं को मानसिक शांति, दोष निवारण और मोक्ष का मार्ग दिखाता है।

ज्योतिर्लिंग क्या है और सोमनाथ का धार्मिक महत्व
पुराणों के अनुसार भगवान शिव 12 अलग-अलग स्थानों पर स्वयं ज्योति (प्रकाश) रूप में प्रकट हुए थे, जिन्हें ज्योतिर्लिंग कहा जाता है। भारत में स्थित ये सभी 12 ज्योतिर्लिंग अत्यंत पवित्र माने जाते हैं, लेकिन सोमनाथ ज्योतिर्लिंग को पहला और सबसे प्राचीन माना गया है। मान्यता है कि यह स्थल भगवान शिव का प्रथम निवास स्थान है। समुद्र तट पर स्थित होने के कारण यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा और भी प्रभावशाली मानी जाती है।

PunjabKesari Somnath Jyotirlinga Pauranik Katha

सोमनाथ नाम का अर्थ क्या है?
‘सोम’ का अर्थ है चंद्रमा और ‘नाथ’ का अर्थ है स्वामी। अर्थात सोमनाथ का अर्थ हुआ – चंद्रमा के स्वामी भगवान शिव।

शिव महापुराण और अन्य ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि चंद्रदेव ने यहीं भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या की थी। चंद्रदेव की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव माता पार्वती के साथ इसी शिवलिंग में विराजमान हुए, जिसे आगे चलकर सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के नाम से जाना गया।

PunjabKesari Somnath Jyotirlinga Pauranik Katha

चंद्रदेव को क्यों मिला था दक्ष प्रजापति का श्राप?
पौराणिक कथा के अनुसार, दक्ष प्रजापति की 27 पुत्रियों का विवाह चंद्रदेव से हुआ था। ये सभी 27 पुत्रियां नक्षत्रों का प्रतिनिधित्व करती हैं। हालांकि चंद्रदेव का प्रेम विशेष रूप से रोहिणी के प्रति अधिक था, जिसके कारण अन्य पत्नियां स्वयं को उपेक्षित महसूस करने लगीं।

अपमानित होकर उन्होंने अपने पिता दक्ष प्रजापति से शिकायत की। इससे क्रोधित होकर दक्ष ने चंद्रदेव को क्षय रोग (टीबी) से ग्रस्त होने का श्राप दे दिया। श्राप के प्रभाव से चंद्रदेव का तेज, सौंदर्य और शक्ति धीरे-धीरे क्षीण होने लगी।

PunjabKesari Somnath Jyotirlinga Pauranik Katha

श्राप से मुक्ति के लिए चंद्रदेव की कठोर तपस्या
श्राप से पीड़ित होकर चंद्रदेव ने ब्रह्माजी से मार्गदर्शन मांगा। ब्रह्माजी की सलाह पर वे भगवान शिव की शरण में पहुंचे और सोमनाथ क्षेत्र में कठोर तपस्या आरंभ की। कथा के अनुसार, चंद्रदेव ने नियमपूर्वक 10 करोड़ बार महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया। उन्होंने वर्षों तक बिना विचलित हुए घोर तप किया, जिससे अंततः भगवान शिव प्रसन्न हो गए।

PunjabKesari Somnath Jyotirlinga Pauranik Katha

महादेव का वरदान और चंद्रकला का रहस्य
चंद्रदेव की भक्ति और तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अमरता का वरदान दिया। हालांकि, दक्ष प्रजापति के वचनों की मर्यादा बनाए रखने के लिए महादेव ने एक विशेष व्यवस्था भी की।

भगवान शिव ने कहा कि कृष्ण पक्ष में चंद्रमा की कलाएं घटेंगी और शुक्ल पक्ष में पुनः बढ़ेंगी। पूर्णिमा के दिन चंद्रमा पूर्ण रूप में प्रकाशित होगा। इसी कारण आज भी चंद्रमा का घटना-बढ़ना देखने को मिलता है और भगवान शिव को सोमनाथ यानी चंद्रमा का स्वामी कहा जाता है। 

PunjabKesari Somnath Jyotirlinga Pauranik Katha

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का आध्यात्मिक और धार्मिक प्रभाव
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन मात्र से चंद्र दोष समाप्त हो जाता है। यहां विधिवत पूजा-अर्चना करने से:
मानसिक तनाव और नकारात्मकता दूर होती है
आर्थिक समस्याओं में राहत मिलती है
कुंडली से जुड़े चंद्र दोष शांत होते हैं
शिव और चंद्रदेव दोनों की कृपा प्राप्त होती है

भक्तों का दृढ़ विश्वास है कि सच्चे मन से सोमनाथ के दर्शन करने से पाप नष्ट होते हैं और अंततः मोक्ष की प्राप्ति होती है।

PunjabKesari Somnath Jyotirlinga Pauranik Katha

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!