Edited By Sarita Thapa,Updated: 15 Jan, 2026 02:57 PM

हिंदू धर्म और आध्यात्म में नवरात्रि का पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि स्वयं को ऊर्जावान बनाने और मां शक्ति की असीम कृपा प्राप्त करने का एक स्वर्णिम अवसर है। साल में पड़ने वाली चार नवरात्रों में से गुप्त नवरात्रि का स्थान सबसे रहस्यमयी और प्रभावशाली...
Maa Durga Mantra : हिंदू धर्म और आध्यात्म में नवरात्रि का पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि स्वयं को ऊर्जावान बनाने और मां शक्ति की असीम कृपा प्राप्त करने का एक स्वर्णिम अवसर है। साल में पड़ने वाली चार नवरात्रों में से गुप्त नवरात्रि का स्थान सबसे रहस्यमयी और प्रभावशाली माना गया है। जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है, यह समय गुप्त साधना और कठोर तप का है, जहां भक्त अपनी आध्यात्मिक शक्तियों को जागृत करने के लिए मां दुर्गा की शरण में जाते हैं। माना जाता है कि गुप्त नवरात्रि के दौरान ब्रह्मांड में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बहुत तीव्र होता है। इस विशेष कालखंड में यदि मां दुर्गा के सिद्ध मंत्रों का पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से जाप किया जाए, तो असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। चाहे जीवन में आर्थिक तंगी हो, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हों या मानसिक अशांति मां के शक्तिशाली मंत्र हर संकट को हरने की क्षमता रखते हैं। तो आइए जानते हैं गुप्त नवरात्रि के दिन मां दुर्गा के कौन से मंत्रों का जाप करना चाहिए।
सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।
ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु शांतिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
नवार्ण मंत्र 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै'

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