Edited By Sarita Thapa,Updated: 27 Feb, 2026 04:53 PM

मथुरा-वृंदावन की गलियां इन दिनों होली के रंगों और भक्ति के आनंद में सराबोर हैं। हाल ही में लट्ठमार होली के उत्सव के दौरान एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सोशल मीडिया पर हर किसी का चेहरा मुस्कान से भर दिया।
Indresh Upadhyay Lathmar Holi Celebration : मथुरा-वृंदावन की गलियां इन दिनों होली के रंगों और भक्ति के आनंद में सराबोर हैं। हाल ही में लट्ठमार होली के उत्सव के दौरान एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सोशल मीडिया पर हर किसी का चेहरा मुस्कान से भर दिया। यह नजारा था प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य जी महाराज और इंद्रेश जी महाराज के बीच हुई उस प्यारी सी शरारत का, जिसने भक्ति के इस त्योहार में हंसी और अपनेपन का तड़का लगा दिया। तो आइए जानते हैं कि प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य जी महाराज और इंद्रेश जी महाराज लट्ठमार होली खेलते हुए कौन सी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
अनिरुद्धाचार्य जी महाराज और इंद्रेश जी महाराज की शरारत जिसने जीत लिया सबका दिल
लट्ठमार होली उत्सव के दौरान जब अबीर और गुलाल उड़ रहे थे, तभी इंद्रेश जी ने बड़े ही मजाकिया अंदाज में अनिरुद्धाचार्य जी को घेर लिया। दोनों के बीच हुई इस हल्की-फुल्की नोकझोंक और रंगों की बौछार ने यह दिखा दिया कि अध्यात्म केवल गंभीरता का नाम नहीं, बल्कि यह जीवन को उत्सव की तरह जीने की कला है। इंद्रेश जी की इस चुलबुली शरारत पर अनिरुद्धाचार्य जी की सहज मुस्कान ने वहां मौजूद हजारों भक्तों का दिल जीत लिया। इस पल को जिसने भी देखा, उसे कान्हा और ग्वालों की याद आ गई।
ब्रज की लट्ठमार होली का खास महत्व
लट्ठमार होली केवल लाठियों और ढालों का खेल नहीं है, बल्कि यह प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। इस आयोजन में जब संत समाज शामिल होता है, तो इसकी दिव्यता कई गुना बढ़ जाती है। इंद्रेश जी और अनिरुद्धाचार्य जी के इस मिलन ने भक्तों को यह संदेश दिया कि भगवान के मार्ग पर चलने वाले भी आपसी प्रेम और हंसी-मजाक से अछूते नहीं हैं। करोड़ों अनुयायियों वाले ये संत जब बच्चों की तरह होली खेलते हैं, तो उनकी सादगी हर किसी को प्रेरित करती है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए होली के पल
जैसे ही इस शरारत और मेल-मिलाप के वीडियो सामने आए, इंटरनेट पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई। फैंस कह रहे हैं कि "यही असली सनातन धर्म की खूबसूरती है," जहां रिश्तों में मर्यादा भी है और अपार प्रेम भी।
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