Edited By Prachi Sharma,Updated: 07 Jan, 2026 02:35 PM

Inspirational Story : एक सरकारी अधिकारी महान वैज्ञानिक माइकल फराडे से मिलने रॉयल सोसायटी पहुंचा। अधिकारी ने गार्ड से माइकल फराडे के बारे में पूछा तो गार्ड ने प्रयोगशाला की ओर इशारा कर दिया। प्रयोगशाला को खाली पाकर अधिकारी को गार्ड पर बड़ा गुस्सा...
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Inspirational Story : एक सरकारी अधिकारी महान वैज्ञानिक माइकल फराडे से मिलने रॉयल सोसायटी पहुंचा। अधिकारी ने गार्ड से माइकल फराडे के बारे में पूछा तो गार्ड ने प्रयोगशाला की ओर इशारा कर दिया। प्रयोगशाला को खाली पाकर अधिकारी को गार्ड पर बड़ा गुस्सा आया। झुंझलाते हुए वह वहां से लौटने वाला था, तभी उसकी नजर एक वृद्ध व्यक्ति पर पड़ी। वह व्यक्ति एक सिंक में बोतलें साफ करने में लगा हुआ था।
अधिकारी ने बेरुखी से कहा, ‘‘क्या तुम रॉयल सोसायटी के कर्मचारी हो ?’’

वृद्ध व्यक्ति ने कहा, ‘‘जी हां, मैं चार दशकों से अधिक समय से इस सोसायटी की सेवा कर रहा हूं। बताइए, मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूं ?’’
अधिकारी ने कहा, ‘‘मुझे एक जरूरी काम से यहां के एक बड़े वैज्ञानिक से मिलना है। मुझे बताया गया कि वह यहीं मिलेंगे, मैंने पूरी प्रयोगशाला छान मारी पर वह वैज्ञानिक कहीं भी नहीं मिले। लगता है, उस गार्ड ने मुझे गलत जगह पर भेज दिया।” वृद्ध व्यक्ति ने सहजता से कहा, ‘‘सर आपको किस वैज्ञानिक से मिलना है ?’’
अधिकारी ने कहा, ‘‘अरे, तुम नहीं समझ पाओगे। न ही उनसे मिलने में मेरी कोई मदद कर पाओगे।’’

वृद्ध ने कहा, ‘‘फिर भी एक बार बताइए तो वह वैज्ञानिक हैं कौन ?
अधिकारी ने खीझ कर कहा, ‘‘क्या तुम मुझे माइकल फराडे से मिलवा सकते हो ?’’
वृद्ध व्यक्ति मुस्करा कर बोले, ‘‘जी बैठिए, मुझे ही माइकल फराडे कहते हैं।’’ यह सुनकर अधिकारी का मुंह आश्चर्य से खुला का खुला रह गया। वह माइकल फराडे जैसे महान वैज्ञानिक की सादगी और विनम्रता की सराहना करते हुए उनके समक्ष नतमस्तक हो गया।
