क्या आप ने देखा है हजारों साल पुराना ये ‘लक्ष्मी नारायण मंदिर’ ?

Edited By Updated: 04 Mar, 2022 04:27 PM

lakshmi narayan temple himachal pradesh

हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर पारम्परिक वास्तुकारी और मूर्तिकला का उत्कृष्ट उदाहरण है। चम्बा के 6 प्रमुख मंदिरों में से यह मंदिर सबसे विशाल

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हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर पारम्परिक वास्तुकारी और मूर्तिकला का उत्कृष्ट उदाहरण है। चम्बा के 6 प्रमुख मंदिरों में से यह मंदिर सबसे विशाल और प्राचीन है। यह मंदिर हजारों साल पुराना है। भगवान विष्णु को समॢपत यह मंदिर राजा साहिल वर्मन ने 10वीं शताब्दी में बनवाया था।
 

मंदिर शिखर शैली में निर्मित है। जब कोई व्यक्ति मंदिर में प्रवेश द्वार पर पहुंचता है तो उसे सीधा भगवान विष्णु की विशाल संगमरमर की प्रतिमा के दर्शन हो जाते हैं।

निवास ‘भगवान मरुगन’ का
पलानी अरुलिमगु श्री धन्दुमाथापनी मंदिर मरुगन के छह निवास स्थानों में से एक है।  यह मंदिर भारत के तमिलनाडु राज्य के मदुरै के उत्तर-पश्चिम में पाई जाने वाली पलानी पहाड़ियों और कोयम्बटूर के दक्षिण-पूर्व से 100 किलोमीटर की दूरी पर ङ्क्षडडीगुल के पलानी गांव में स्थित है। पलानी में भगवान मरुगन की प्रतिमा का निर्माण योगर मुनि ने किया था और साथ ही यह प्राचीन तमिल संस्कृति के 18 महानतम सिद्धों में से एक है।

‘भगवान विष्णु’ के पद्चिन्हों का मंदिर
भारत में कई ऐसे मंदिर हैं जिनके रहस्यों की गुत्थी कई युगों बाद भी आज तक नहीं सुलझी है। ऐसा ही एक मंदिर है बिहार के गया में जिसका नाम विष्णुपद मंदिर है। यह मंदिर भगवान विष्णु के पदचिन्हों पर बना है। कहते हैं कि विश्व में यही एक स्थान है जहां श्री हरि के चरणों के साक्षात दर्शन किए जा सकते हैं।

मंदिर फल्गु नदी के पश्चिमी किनारे पर स्थित है। विष्णुपद मंदिर में पित्तरों की मुक्ति के लिए पिंडदान भी किया जाता है। इसी स्थान पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम और माता जानकी ने महाराज दशरथ का पिंडदान किया था।

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