Mahabharat Story : युधिष्ठिर की इस कहानी से सीखें गुस्से पर काबू पाने का असली मंत्र

Edited By Updated: 11 Mar, 2026 04:31 PM

mahabharat story

पांडव द्रोणाचार्य से शिक्षा ले रहे थे। एक दिन उनका पाठ था, क्रोध पर विजय। पाठ के बाद द्रोणाचार्य ने पांडवों से पूछा, “पाठ याद हो गया।”

Mahabharat Story : पांडव द्रोणाचार्य से शिक्षा ले रहे थे। एक दिन उनका पाठ था, क्रोध पर विजय। पाठ के बाद द्रोणाचार्य ने पांडवों से पूछा, “पाठ याद हो गया।” 

Mahabharat Story

युधिष्ठिर को छोड़ सभी ने उत्तर दिया, याद हो गया। लेकिन युधिष्ठिर बोले, “याद नहीं हुआ। द्रोणाचार्य ने पूछा, “क्या बात है, इतना सीधा सादा पाठ तुम्हें याद क्यों नहीं हुआ।” 

युधिष्ठिर का उत्तर था, “नहीं हुआ।” द्रोण ने कहा, “ठीक है कल याद करके आना।”

अगले दिन द्रोणाचार्य ने पूछा, “याद हो गया।” युधिष्ठिर का उत्तर था, “नहीं हुआ।” क्रोधित आचार्य द्रोण बोले, ‘“तुम्हारे दिमाग में बुद्धि है या भूसा।”

युधिष्ठिर ने कहा, “क्षमा करें गुरुदेव, पर मैं आज भी नहीं कह सकता कि मुझे पाठ याद हो गया है।” 

Mahabharat Story

आचार्य द्रोण ने नाराज होकर कहा,“तुमने दो दिन बर्बाद कर दिए। अब अगर पाठ याद नहीं हुआ तो तुम्हें दंडित होना पड़ेगा।” 

तीसरे दिन भी युधिष्ठिर ने हां में जवाब नहीं दिया। तब द्रोणाचार्य ने युधिष्ठिर के गाल पर एक चांटा मारा। युधिष्ठिर कुछ देर चुपचाप खड़े रहे, फिर अचानक बोले, “पाठ याद हो गया।”

आचार्य द्रोण बोले, “मुझे पता होता कि चांटा खाकर पाठ याद होगा तो पहले ही दिन तुम्हें चांटा खिला देता।” 

विनम्र स्वर में युधिष्ठिर ने कहा, “गुरुदेव, ऐसी बात नहीं थी, मुझे अपने पर भरोसा नहीं था। आपने प्रेम से पाठ पढ़ाया तो मेरे मन ने कहा कि कोई प्यार से बात करे तो क्रोध का सवाल ही नहीं उठता। हो सकता है तीखी भाषा में बोले तो क्रोध आ जाए। अगले दिन जब आपने मेरे दिमाग की बात की, तब भी मुझे क्रोध नहीं आया। 

लेकिन मेरे मन ने कहा अभी एक और परीक्षा बाकी है, कोई बल प्रयोग करे तो क्रोध आ जाए। आज आपने जब चांटा मारा फिर भी मुझे क्रोध नहीं आया। तब मैं समझा कि मुझे पाठ याद हो गया।” आचार्य द्रोण ने युधिष्ठिर को गले लगा लिया।

Mahabharat Story

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!