Makar Sankranti 2026 Vastu : घर लाएं ये 5 वास्तु उपाय, पूरे साल बना रहेगा माता लक्ष्मी का वास

Edited By Updated: 13 Jan, 2026 03:07 PM

makar sankranti 2026 vastu

Makar Sankranti 2026 Vastu : मकर संक्रांति का पर्व भारतीय संस्कृति में न केवल ऋतु परिवर्तन का प्रतीक है, बल्कि यह ऊर्जा और सकारात्मकता के संचार का भी उत्सव है। साल 2026 में मकर संक्रांति का त्योहार विशेष खगोलीय संयोगों के साथ आ रहा है। वास्तु...

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Makar Sankranti 2026 Vastu : मकर संक्रांति का पर्व भारतीय संस्कृति में न केवल ऋतु परिवर्तन का प्रतीक है, बल्कि यह ऊर्जा और सकारात्मकता के संचार का भी उत्सव है। साल 2026 में मकर संक्रांति का त्योहार विशेष खगोलीय संयोगों के साथ आ रहा है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य उत्तरायण होते हैं, तो ब्रह्मांड में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ जाता है। यदि इस शुभ अवसर पर घर में कुछ खास वास्तु बदलाव किए जाएं, तो पूरे साल माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और दरिद्रता कोसों दूर रहती है।

मुख्य द्वार का शुद्धिकरण और बंदनवार
वास्तु शास्त्र में घर का मुख्य प्रवेश द्वार सबसे महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि यहीं से लक्ष्मी का आगमन होता है। मकर संक्रांति की सुबह स्नान के बाद घर के मुख्य द्वार की अच्छे से सफाई करें। द्वार पर आम या अशोक के पत्तों का वंदनवार लगाएं। ताजे पत्तों का वंदनवार नकारात्मक ऊर्जा को घर में प्रवेश करने से रोकता है। प्रवेश द्वार पर हल्दी और कुमकुम से स्वास्तिक का चिह्न बनाना भी अत्यंत शुभ होता है, जो पूरे साल घर में शांति और समृद्धि सुनिश्चित करता है।

Makar Sankranti 2026 Vastu

ईशान कोण की सफाई और जल स्थापना
घर का उत्तर-पूर्वी कोना जिसे ईशान कोण कहते हैं, देवताओं का स्थान माना जाता है। मकर संक्रांति पर सूर्य देव की विशेष कृपा पाने के लिए इस दिशा का दोषमुक्त होना अनिवार्य है। इस दिन ईशान कोण से सारा कबाड़ या भारी सामान हटा दें। यहां एक तांबे के पात्र में साफ जल भरकर रखें और उसमें कुछ गुलाब की पंखुड़ियां डाल दें। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है और परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य बना रहता है। इस कोने में सूर्य देव को जल अर्पित करने से स्वास्थ्य और मान-सम्मान में वृद्धि होती है।

रसोई घर में धान्य और तिल का स्थान
मकर संक्रांति 'फसल' का त्योहार हैइसलिए रसोई घर का वास्तु इस दिन विशेष महत्व रखता है। रसोई में अन्न के भंडार को कभी खाली न छोड़ें। इस दिन दक्षिण-पूर्व दिशा की सफाई करें। मिट्टी के एक छोटे पात्र में काले और सफेद तिल भरकर रसोई के किसी साफ स्थान पर रखें।  तिल को ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। रसोई में तिल की उपस्थिति घर में धन-धान्य की कमी नहीं होने देती और मां अन्नपूर्णा का आशीर्वाद बना रहता है।

Makar Sankranti 2026 Vastu

नमक के पानी का पोंछा और नकारात्मकता का विसर्जन
वास्तु के अनुसार, साल भर की संचित नकारात्मक ऊर्जा को घर से बाहर निकालने के लिए मकर संक्रांति का दिन सर्वश्रेष्ठ है। संक्रांति के दिन पूरे घर की सफाई करें और पोंछे के पानी में थोड़ा सेंधा नमक मिलाएं। सफाई के बाद घर के कोनों में गंगाजल छिड़कें। नमक में नकारात्मक ऊर्जा को सोखने की शक्ति होती है। इससे घर का वातावरण शुद्ध होता है, जिससे माता लक्ष्मी के वास के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार होता है। शाम के समय घर के दक्षिण-पश्चिम में एक दीपक जलाने से पितृ दोष भी शांत होता है।

उत्तर दिशा में 'कुबेर यंत्र' या मनी प्लांट की स्थापना
उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर की दिशा माना जाता है। संक्रांति के दिन इस दिशा को सक्रिय करना आर्थिक उन्नति के द्वार खोलता है।  यदि आप आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, तो मकर संक्रांति पर घर की उत्तर दिशा में कुबेर यंत्र स्थापित करें या एक मनी प्लांट नीले रंग की बोतल में लगाएं। सूर्य के उत्तरायण होते ही उत्तर दिशा अत्यंत प्रभावशाली हो जाती है। इस उपाय से आय के नए स्रोत बनते हैं और फंसा हुआ धन वापस मिलने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

Makar Sankranti 2026 Vastu

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!