Edited By Prachi Sharma,Updated: 07 Jan, 2026 02:52 PM

Pradosh Vrat 2026 : हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। मान्यता है कि जो भक्त निष्काम भाव से प्रदोष काल में शिव जी की पूजा करते हैं, उनके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का...
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Pradosh Vrat 2026 : हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। मान्यता है कि जो भक्त निष्काम भाव से प्रदोष काल में शिव जी की पूजा करते हैं, उनके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। चूंकि हम साल 2026 की शुरुआत में हैं, ऐसे में माघ मास का पहला प्रदोष व्रत आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी माना जा रहा है। आइए जानते हैं माघ मास के पहले प्रदोष व्रत की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में।
माघ मास का पहला प्रदोष व्रत: तिथि और संयोग
पंचांग की गणना के अनुसार, साल 2026 में माघ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को पहला प्रदोष व्रत रखा जाएगा।

तिथि: 15 जनवरी 2026
गुरुवार के दिन पड़ने के कारण इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाएगा।
गुरु प्रदोष का महत्व: गुरु प्रदोष व्रत करने से न केवल शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है बल्कि इससे ज्ञान, सुख और सौभाग्य में भी वृद्धि होती है। जो लोग आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, उनके लिए गुरु प्रदोष का व्रत करना विशेष रूप से लाभकारी रहता है।
Pradosh Vrat प्रदोष व्रत की सरल पूजा विधि
प्रातः काल स्नान: व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
भगवान शिव के समक्ष दीप जलाकर व्रत का संकल्प लें।
दिनभर मन ही मन 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें और तामसिक भोजन से दूर रहें।
शाम को सूर्यास्त से करीब 45 मिनट पहले दोबारा स्नान करें या हाथ-पैर धोकर शुद्ध हो जाएं।

शिव मंदिर जाकर या घर पर ही शिवलिंग का गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से अभिषेक करें।
महादेव को बेलपत्र, धतूरा, अक्षत, श्वेत चंदन और भस्म अर्पित करें।
प्रदोष व्रत की कथा पढ़ें या सुनें और अंत में घी के दीपक से शिव जी की आरती करें।
माघ मास में पूजा का विशेष लाभ
माघ का महीना दान और स्नान का महीना माना जाता है। इस महीने में आने वाले प्रदोष व्रत पर यदि भक्त तिल और गुड़ का भोग शिव जी को लगाते हैं, तो उन्हें पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और कुंडली के अशुभ ग्रहों का प्रभाव शांत होता है।
