Edited By Sarita Thapa,Updated: 22 Jan, 2026 09:24 AM

22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जिस पावन संकल्प के साथ रामलला अपने भव्य महल में विराजे थे, आज उस ऐतिहासिक घटना की दूसरी वर्षगांठ मनाई जा रही है।
Ram Mandir Anniversary 2026 : 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जिस पावन संकल्प के साथ रामलला अपने भव्य महल में विराजे थे, आज उस ऐतिहासिक घटना की दूसरी वर्षगांठ मनाई जा रही है। इन दो वर्षों में अयोध्या ने विकास और श्रद्धा का एक नया अध्याय लिखा है। इस वर्षगांठ की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि अब मुख्य राम मंदिर अकेला नहीं है। राम जन्मभूमि परिसर में 14 अन्य उप-मंदिरों का निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा का कार्य भी संपन्न हो चुका है। इन मंदिरों के जुड़ने से अब पूरा परिसर एक विराट सांस्कृतिक केंद्र बन गया है।
मंदिर के चारों ओर बने सुरक्षा घेरे में भगवान शिव, मां भगवती, गणपति, सूर्यदेव, मां अन्नपूर्णा और भगवान हनुमान के मंदिर बनकर तैयार हैं। भारतीय संस्कृति के महान ऋषियों और रामायण कालीन पात्रों के सम्मान में 7 विशेष मंदिर बनाए गए हैं। इनमें महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, माता शबरी, निषादराज और देवी अहिल्या को समर्पित मंदिर शामिल हैं।लक्ष्मण जी को समर्पित शेषावतार मंदिर भी अब भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
दो वर्षों में बदली अयोध्या की तस्वीर
पिछले 24 महीनों में अयोध्या केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी समृद्ध हुई है। आंकड़ों के अनुसार, 2025 में ही लगभग 23 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए, जो एक विश्व रिकॉर्ड के समान है। अयोध्या अब देश की पहली सोलर सिटी बन चुकी है। महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट और आधुनिक रेलवे स्टेशन ने पूरी दुनिया को अयोध्या से जोड़ दिया है। राम मंदिर के आने से होटल, होमस्टे और हस्तशिल्प के क्षेत्र में हजारों स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है।
आज का उत्सव
दूसरी वर्षगांठ के मौके पर पूरी अयोध्या को फूलों और दीपों से सजाया गया है। राम मंदिर में विशेष अभिषेक और महाआरती का आयोजन किया जा रहा है। भक्तों का हुजूम इस कदर उमड़ा है कि सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा रखा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर को नए कालचक्र का उदय बताया है।
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