Edited By Sarita Thapa,Updated: 14 Aug, 2026 10:46 AM

सावन का तीसरा सोमवार भगवान शिव की साधना और कृपा प्राप्ति के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। वर्ष 2026 में इस दिन बनने वाली ग्रहों की दुर्लभ स्थिति और अति शुभ योगों का एक अद्भुत संगम हो रहा है, जो सभी रुके हुए कार्यों को पूरा करने और कष्टों को दूर...
Sawan Third Somwar 2026 Shubh Sanyog : सावन का तीसरा सोमवार भगवान शिव की साधना और कृपा प्राप्ति के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। वर्ष 2026 में इस दिन बनने वाली ग्रहों की दुर्लभ स्थिति और अति शुभ योगों का एक अद्भुत संगम हो रहा है, जो सभी रुके हुए कार्यों को पूरा करने और कष्टों को दूर करने में सहायक सिद्ध होगा। माना जाता है कि इस योग में पूरे विधि-विधान से शिव जी की पूजा करने और व्रत रखने से जीवन में आने वाली सारी परेशानियों से छुटकारा मिलता है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। तो आइए जानते हैं कि तीसरे सावन सोमवार के शुभ योग और शुभ मुहूर्त के बारे में-
तीसरा सावन सोमवार 2026 जलाभिषेक मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 04:24 ए एम से 05:08 ए एम तक है. उस समय से ही जलाभिषेक प्रारंभ हो जाएगा।
अभिजीत मुहूर्त दिन में 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगा।
अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 05:51 ए एम से 07:30 ए एम तक है और शुभ-उत्तम मुहूर्त 09:08 ए एम से 10:47 ए एम तक है।

9 शुभ संयोग में तीसरा सावन सोमवार
शुभ योग: सुबह से आरंभ होकर अगले दिन तड़के 03 बजकर 29 मिनट तक प्रभावी रहेगा। इस योग में शुरू किए गए हर कार्य में सफलता मिलती है।
रवि योग: प्रातः 05 बजकर 51 मिनट से सुबह 08 बजकर 04 मिनट तक रहेगा। सूर्य देव की कृपा से मान-सम्मान और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
सिंह संक्रांति: सुबह 08 बजकर 03 मिनट पर सूर्य देव का सिंह राशि में प्रवेश होगा। प्रातः 05 बजकर 51 मिनट से 08 बजकर 04 मिनट तक का समय स्नान-दान के लिए विशेष पुण्यदायी रहेगा।
स्कंद षष्ठी एवं नाग पंचमी: शाम 05 बजे से षष्ठी तिथि लग रही है। प्रदोष काल में भगवान शिव के साथ उनके ज्येष्ठ पुत्र कार्तिकेय की आराधना करने से दोगुना फल प्राप्त होगा।
मलयालम नववर्ष: इसी पावन दिन से मलयालम नववर्ष की शुरुआत भी हो रही है, जो इस दिन के महत्व को और बढ़ाती है।
हंसराज योग: देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में स्थित रहकर हंस राजयोग का निर्माण कर रहे हैं, जो सफलता और ज्ञान में वृद्धि कराता है।
बुधादित्य एवं त्रिग्रही योग : कर्क राशि में सूर्य, बुध और गुरु की उपस्थिति से त्रिग्रही योग तथा सूर्य-बुध की युति से बुधादित्य योग बना रहेगा। प्रातः 08 बजकर 03 मिनट पर सूर्य के सिंह राशि में गोचर करते ही यह योग समाप्त हो जाएगा।

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ