Edited By Prachi Sharma,Updated: 08 Jan, 2026 11:08 AM

Gen Z Thoughts : आज के दौर में जब डेटिंग ऐप्स हुकअप कल्चर और सिचुएशनशिप का बोलबाला है, वहीं Gen Z लड़कियों के बीच एक अनोखा और गहरा बदलाव देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया पर रील हो या सामान्य बातचीत, इन दिनों एक वाक्य बहुत लोकप्रिय है चाहिए तो शिव...
शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
Gen Z Thoughts : आज के दौर में जब डेटिंग ऐप्स हुकअप कल्चर और सिचुएशनशिप का बोलबाला है, वहीं Gen Z लड़कियों के बीच एक अनोखा और गहरा बदलाव देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया पर रील हो या सामान्य बातचीत, इन दिनों एक वाक्य बहुत लोकप्रिय है चाहिए तो शिव जैसा पार्टनर। यह केवल एक धार्मिक झुकाव नहीं है बल्कि इसके पीछे एक गहरी मनोवैज्ञानिक सोच और आधुनिक रिश्तों की जटिलताओं से उपजी तलाश है। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर आज की आधुनिक लड़कियों को भगवान शिव के स्वरूप में अपना जीवनसाथी क्यों नजर आ रहा है।
स्थिरता और धैर्य
आज की दुनिया बहुत अस्थिर है। जेन-जी की पीढ़ी एंग्जायटी और अनिश्चितता के बीच बड़ी हो रही है। ऐसे में उन्हें एक ऐसा साथी चाहिए जो अडिग हो। शिव अचल हैं। वे हिमालय की तरह शांत और स्थिर हैं। लड़कियां ऐसे पार्टनर की तलाश में हैं जो इमोशनल ड्रामे से दूर, मानसिक रूप से परिपक्व हो और मुश्किल समय में उनके लिए एक सुरक्षित स्तंभ की तरह खड़ा रहे।

अर्धनारीश्वर' का सिद्धांत: समानता का असली रूप
आधुनिक लड़कियां केवल 'फेमिनिज्म' की बात नहीं करतीं, वे समानता और सह-अस्तित्व चाहती हैं। शिव का अर्धनारीश्वर रूप यह दर्शाता है कि पुरुष और स्त्री एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं। वे शक्ति के बिना शव हैं। यह सोच जेन-जी को आकर्षित करती है क्योंकि वे एक ऐसा पार्टनर चाहती हैं जो उनके अस्तित्व को दबाए नहीं, बल्कि उसे अपने भीतर जगह दे। वे एक ऐसा रिश्ता चाहती हैं जहां ईगो न हो, बल्कि एक-दूसरे का सम्मान हो।
लाल झंडों के दौर में ग्रीन फ्लैग शिव
आजकल सोशल मीडिया पर Red Flags (बुरी आदतें) की चर्चा बहुत होती है। इसके विपरीत, शिव को अल्टीमेट ग्रीन फ्लैग माना जाता है।
बिना शर्त प्रेम: शिव ने सती के वियोग में तांडव किया और पार्वती की कठोर तपस्या को स्वीकार किया। यह वफादारी का वह स्तर है जिसे आज की पीढ़ी Relationship Goals मानती है।
दिखावे से दूर: शिव वैरागी हैं, उन्हें महंगे तोहफे या दिखावे की जरूरत नहीं। जेन-जी अब Fake लाइफस्टाइल से ऊब चुकी है और सादगी व असलियत की तलाश में है।

स्वीकार्यता
शिव पशुपति हैं, वे भूतों, प्रेतों, सांपों और उन सबको गले लगाते हैं जिन्हें समाज ठुकरा देता है। आज की लड़कियां चाहती हैं कि उनका पार्टनर उन्हें वैसा ही स्वीकार करे जैसी वे हैं अपनी कमियों, अपनी एंग्जायटी और अपनी अनूठी शख्सियत के साथ। शिव जैसा पार्टनर होने का अर्थ है एक ऐसा व्यक्ति जो आपको जज न करे।
विषपान की क्षमता
शिव को नीलकंठ कहा जाता है क्योंकि उन्होंने संसार को बचाने के लिए विष पिया था। रिश्तों के संदर्भ में, जेन-जी ऐसी मैच्योरिटी चाहती है कि उनका पार्टनर रिश्तों की कड़वाहट, तनाव और बाहरी दबाव को झेलने की क्षमता रखे, न कि छोटी-छोटी बातों पर रिश्ता तोड़ दे। वे एक रक्षक की तलाश में हैं, जो पितृसत्तात्मक दबाव वाला नहीं, बल्कि भावनात्मक सुरक्षा देने वाला हो।
ट्रेंड के पीछे की मनोवैज्ञानिक
यह ट्रेंड असल में Toxic Masculinity के खिलाफ एक विद्रोह है। लंबे समय तक फिल्मों और समाज ने एंग्री यंग मैन या कंट्रोलिंग पार्टनर को ग्लोरिफाई किया। लेकिन जेन-जी ने इसे खारिज कर दिया है। उन्हें कबीर सिंह जैसा पार्टनर नहीं चाहिए जो हक जताए बल्कि उन्हें शिव जैसा पार्टनर चाहिए जो समर्पण करना जानता हो।
