Simhastha 2028 : सिंहस्थ 2028 से पहले ओंकारेश्वर का महा कायाकल्प, प्रशासन ने तेज की तैयारियां

Edited By Updated: 17 Feb, 2026 09:19 AM

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Simhastha 2028 :  मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित पवित्र ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर में सिंहस्थ 2028 की तैयारियां अब तेज़ी पकड़ चुकी हैं। ममलेश्वर लोक परियोजना रद्द होने के बाद जिला प्रशासन ने पहली बार एक संयुक्त बैठक आयोजित की, जिसमें अधिकारी,...

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Simhastha 2028 :  मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित पवित्र ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर में सिंहस्थ 2028 की तैयारियां अब तेज़ी पकड़ चुकी हैं। ममलेश्वर लोक परियोजना रद्द होने के बाद जिला प्रशासन ने पहली बार एक संयुक्त बैठक आयोजित की, जिसमें अधिकारी, जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, नगर परिषद के पार्षद और मीडिया प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य उज्जैन सिंहस्थ के दौरान ओंकारेश्वर में उमड़ने वाली संभावित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए व्यापक तैयारियों की रूपरेखा तय करना था।

पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की। प्रशासन के अनुसार सिंहस्थ 2016 में यहां लगभग 40 से 50 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे, जबकि वर्तमान में रोज़ाना आने वाले भक्तों की संख्या पहले से चार गुना बढ़ चुकी है। अनुमान है कि सिंहस्थ 2028 में यह आंकड़ा और तेजी से बढ़ेगा और कुल मिलाकर 5 से 6 करोड़ श्रद्धालु ओंकारेश्वर पहुंच सकते हैं। प्रतिदिन 2 से 3 लाख लोगों के आने की संभावना जताई जा रही है।

तैयारियों के तहत ओंकारेश्वर और ममलेश्वर मंदिर परिसरों के विस्तार, गर्भगृह तक जाने वाले मार्ग और आसपास की सड़कों के चौड़ीकरण, बड़े पार्किंग और होल्डिंग एरिया के निर्माण, बेहतर यातायात प्रबंधन और प्रभावी भीड़ नियंत्रण की योजनाओं पर विचार किया गया। संत समाज नगर स्तर पर अलग बैठक कर अपने सुझाव प्रशासन को सौंपेगा।

बैठक में पंडित निलेश पुरोहित ने कहा कि यदि विस्थापन की स्थिति बनती है तो प्रभावित लोगों को नगर परिषद क्षेत्र में ही वैकल्पिक प्लॉट दिए जाएं। वहीं पंडित नवलकिशोर शर्मा ने पिछली घोषणाओं के अधूरे क्रियान्वयन का हवाला देते हुए इस बार ठोस और जमीनी स्तर पर काम करने की मांग की। जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने भरोसा दिलाया कि सभी कार्य तय समयसीमा में और पारदर्शिता के साथ पूरे किए जाएंगे। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को घाट और अन्य निर्माण कार्यों के लिए मैदानी सर्वे करने के निर्देश भी दिए।

षट्दर्शन मंडल के अध्यक्ष महंत मंगलदास त्यागी ने जोर देकर कहा कि विकास कार्य सभी पक्षों को विश्वास में लेकर किए जाने चाहिए।

संभावित विस्तार योजनाओं के तहत ममलेश्वर क्षेत्र में 98 मकान, 179 दुकानें, 2 होटल और 2 धर्मशालाएं प्रभावित हो सकती हैं। वहीं ओंकारेश्वर क्षेत्र में 52 मकान, 67 दुकानें और 5 धर्मशालाओं पर असर पड़ने की आशंका है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित दुकानदारों को नई दुकानें और मकान मालिकों को फ्लैट दिए जाएंगे। भूमि के अंतर की स्थिति में उचित मुआवजा भी प्रदान किया जाएगा।
 

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