Edited By Prachi Sharma,Updated: 27 Feb, 2026 08:19 AM

U Shape Tilak : हिंदू धर्म में तिलक धारण करना केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं है बल्कि यह आध्यात्मिक चेतना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का संगम है। विभिन्न संप्रदायों में अलग-अलग प्रकार के तिलक लगाए जाते हैं, जिनमें U-आकार का तिलक विशेष महत्व रखता है। यह...
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U Shape Tilak : हिंदू धर्म में तिलक धारण करना केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं है बल्कि यह आध्यात्मिक चेतना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का संगम है। विभिन्न संप्रदायों में अलग-अलग प्रकार के तिलक लगाए जाते हैं, जिनमें U-आकार का तिलक विशेष महत्व रखता है। यह मुख्य रूप से वैष्णव संप्रदाय की पहचान है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस तिलक को क्यों लगाया जाता है और इसका गहरा धार्मिक व आध्यात्मिक महत्व क्या है।
भगवान विष्णु के चरणों का प्रतीक
U-आकार के तिलक की सबसे प्रमुख मान्यता यह है कि यह भगवान विष्णु के चरण कमलों का प्रतिनिधित्व करता है। इसे माथे पर धारण करने का अर्थ है कि भक्त ने स्वयं को ईश्वर के चरणों में समर्पित कर दिया है। माना जाता है कि जो व्यक्ति हरि-चरणों को अपने मस्तक पर धारण करता है, वह सदैव उनके संरक्षण में रहता है।
ऊर्ध्व पुंड्र
संस्कृत में इसे ऊर्ध्व पुंड्र कहा जाता है। ऊर्ध्व का अर्थ है ऊपर की ओर और पुंड्र का अर्थ है पवित्र चिह्न। यह तिलक नीचे से ऊपर की ओर लगाया जाता है, जो मनुष्य की आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक है। यह संदेश देता है कि व्यक्ति को अपने जीवन का लक्ष्य निम्न प्रवृत्तियों से ऊपर उठाकर उच्च चेतना की ओर ले जाना चाहिए।

आज्ञा चक्र और एकाग्रता
आज्ञा चक्र: माथे का वह स्थान जहां तिलक लगाया जाता है, उसे आज्ञा चक्र कहा जाता है। यह स्पष्टता और बुद्धि का केंद्र है।
शीतलता: U-आकार का तिलक अक्सर चंदन या गोपी चंदन से लगाया जाता है। चंदन की प्रकृति शीतल होती है जो मस्तक को शांत रखती है और एकाग्रता बढ़ाती है।
ऊर्जा का संरक्षण: माथे के इस बिंदु से ऊर्जा का क्षय सबसे अधिक होता है। तिलक लगाने से उस ऊर्जा को संचित करने में मदद मिलती है।

धारण करने की विधि और नियम
U-आकार का तिलक लगाने के भी कुछ नियम बताए गए हैं:
शुद्धता: स्नान के पश्चात शुद्ध मन से ही तिलक धारण करना चाहिए।
अनामिका उंगली: शास्त्रों के अनुसार, तिलक को अनामिका से लगाना शांतिदायक माना जाता है।
मंत्रोच्चार: तिलक लगाते समय ॐ नमो नारायणाय या हरे कृष्ण महामंत्र का जाप करना अत्यंत फलदायी होता है।