Edited By Sarita Thapa,Updated: 11 Jan, 2026 11:02 AM

उज्जैन के महापौर मुकेश टटवाल और महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन के बीच शीघ्र दर्शन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। महापौर ने स्थानीय नागरिकों के अधिकारों के लिए सीधे कलेक्टर जो मंदिर समिति के अध्यक्ष भी हैं को पत्र लिखकर आंदोलन की खुली चेतावनी दे दी है।
Ujjain Mahakaleshwar Mandir News : उज्जैन के महापौर मुकेश टटवाल और महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन के बीच शीघ्र दर्शन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। महापौर ने स्थानीय नागरिकों के अधिकारों के लिए सीधे कलेक्टर जो मंदिर समिति के अध्यक्ष भी हैं को पत्र लिखकर आंदोलन की खुली चेतावनी दे दी है।
उज्जैन के स्थानीय निवासियों के लिए पहले यह व्यवस्था थी कि वे अपना आधार कार्ड दिखाकर अवंतिका द्वार से भगवान महाकाल के शीघ्र दर्शन कर सकते थे। लेकिन हाल ही में, विशेषकर नए साल की भीड़ और प्रशासनिक बदलावों के बाद, इस सुविधा में बदलाव कर दिया गया है या इसे सुचारू रूप से लागू नहीं किया जा रहा है।
महापौर का कड़ा रुख
शहर के लोग जो बाबा महाकाल के सबसे करीब हैं, उन्हें ही दर्शन के लिए लंबी कतारों और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महापौर ने मांग की है कि 'अवंतिका द्वार' से स्थानीय लोगों के लिए शीघ्र दर्शन की पुरानी व्यवस्था को पूरी प्रभावी ढंग से फिर से बहाल किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शहरवासियों के हित में निर्णय नहीं लिया गया, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
प्रशासनिक और सियासी हलचल
महापौर के इस कदम ने उज्जैन की राजनीति में हलचल मचा दी है। इसे स्थानीय जनता से जुड़ने और प्रशासन पर दबाव बनाने के एक बड़े सियासी कदम के रूप में देखा जा रहा है। मंदिर प्रशासन का तर्क रहता है कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ कड़े फैसले लेने पड़ते हैं।
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