Edited By Niyati Bhandari,Updated: 16 Jan, 2019 03:44 PM

किचन घर का सबसे अहम हिस्सा है। परिवार के हर सदस्य के दिल तक जाने का रास्ता यहीं से होकर गुजरता है। किसी को भी अपना बनाना हो तो उसे उसके मनपसंद पकवान खिलाने चाहिए।
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किचन घर का सबसे अहम हिस्सा है। परिवार के हर सदस्य के दिल तक जाने का रास्ता यहीं से होकर गुजरता है। किसी को भी अपना बनाना हो तो उसे उसके मनपसंद पकवान खिलाने चाहिए। हिंदू शास्त्रों के अनुसार रसोई में देवी अन्नपूर्णा का वास होता है। उनकी कृपा से घर में अन्न के भंडार भरते हैं। अतः किचन में उनका चित्र अवश्य लगाना चाहिए। घर में जो भी बनाएं उन्हें भोग लगाकर प्रसाद स्वरुप सारे परिवार को खाना चाहिए। ऐसा करने से फैमिली के सभी सदस्य हेल्दी भी रहेंगे।
घर में हमेशा अन्न-धन का प्रवाह बना रहे इसके लिए देवी अन्नपूर्णा पर सूखा धनिया चढ़ाकर किचन में छुपाकर रखें।
अपने घर को सुरक्षा कवच पहनाने के लिए देवी अन्नपूर्णा पर नवधान चढ़ाकर पक्षियों को डालें।
मान-यश की प्राप्ति के लिए देवी अन्नपूर्णा पर चढ़ी मूंग की दाल गाय को खिलाएं।
फलों या सब्जियों से भरी टोकरी का चित्र लगाने से घर में खुशहाली बनी रहती है।
किचन का वास्तु दोष दूर करने के लिए रसोई के उत्तर-पूर्व में सिंदूरी गणेश जी का फोटो लगाएं।
धान, मूंग, गेहूं, सरसो, जौ, काले तिल और ज्वार को मिलकार पोटली बना लें। जितने कमरे हों सभी कमरे में एक पोटली रखें। माना जाता है कि यह सप्तधान्य घर में अन्न धन का भंडार बनाए रखने में सहायक होता है।
रसोई घर में चूल्हा पूर्व दिशा की ओर होना शुभ रहता है। चूल्हा दक्षिण दिशा में होने पर आर्थिक परेशानी आती है। माना जाता है कि व्यक्ति को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है।

महिलाएं घर की अन्नपूर्णा होती हैं। उनके द्वारा बनाए गए स्वादिष्ट भोजन से ही परिवार का पालन-पोषण होता है। उन्हें कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए-
प्रतिदिन स्नान करके साफ और स्वच्छ वस्त्र पहन कर रसोई घर में प्रवेश करना चाहिए।
रसोई में भेद-भाव किए बिना समान रूप से सभी को भोजन परोसे। सभी सदस्यों को भोजन कराने के उपरांत घर की अन्नपूर्णा को भोजन करना चाहिए।
घर आए मेहमानों को खिला-पिला कर विदा करना चाहिए।

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