Diwali: मां लक्ष्मी की कृपा चाहते हैं तो इस विधि से दिवाली पर लगाएं दीपक

Edited By Updated: 09 Nov, 2023 01:31 PM

why are diyas lit on diwali

दीपावली का पर्व रोशनी का त्योहार माना जाता है। इस दिन भगवान श्री राम 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या वापस आए थे और उनके आने की प्रसन्नता में अयोध्या वासियों ने दीपावली की

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Why are diyas lit on Diwali: दीपावली का पर्व रोशनी का त्योहार माना जाता है। इस दिन भगवान श्री राम 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या वापस आए थे और उनके आने की प्रसन्नता में अयोध्या वासियों ने दीपावली की थी। सनातन धर्म में इस दिन देवी लक्ष्मी का पूजन किया जाता है, हमारे धर्म में प्रकाश को भी धन का या देवी लक्ष्मी का ही रूप मानते हैं। जब भी कहीं प्रकाश प्रज्वलित किया जाता है, बड़े आदर भाव से पहले उसे प्रणाम करते हैं। दीपावली का अर्थ है दीपों की माला। हर व्यक्ति आज के दिन अपने घर में मां लक्ष्मी का पूजन करने के साथ-साथ उनके सामने दीयों की अपनी इच्छा अनुसार संख्या प्रज्वलित करता है। वास्तु के अनुसार अगर शुभ संख्या में दीयों की संख्या ली जाए तो उसका विशेष लाभ मिलता है।

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How many Diyas are lit on Diwali: देवी लक्ष्मी के पूजन के बाद उनके समक्ष दीयों की एक लड़ी बना लें। जो की माला की आकृति में हो, जिस प्रकार से 108 की माला को शुभ माना जाता है। उसी प्रकार दीयों की संख्या 108 हो तो बहुत ही शुभ परिणाम मिलते हैं। दीयों की माला में तेल व रूई डालने के बाद इन्हें प्रज्वलित करें। खास ध्यान रखें कि कभी भी दीपक से दीपक को नहीं जलाना चाहिए। दीपक जलाने के बाद हाथ में गंगा जल लेकर दियों के चारों तरफ गिराते हुए दीपदान करने की प्रार्थना करें और उसके बाद उन दियों को घर के हर कोने में लगा दें।

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How many diyas should be lit for Diwali: यदि 108 की संख्या में दिए न ले पाएं तो 108 की आधी संख्या यानी कि 64 उससे आधी 32 और उससे भी आधी सोलह की संख्या में दिए प्रकाशित किए जा सकते हैं। 16 की संख्या देवी लक्ष्मी के पूजन के लिए अति शुभ मानी जाती है। 16 की संख्या में दिए जलाने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।

Where do you put diyas on Diwali: दीपक प्रकाशित करने के कुछ विशेष स्थान हैं जैसे कि सबसे पहला दिया अपने इष्ट के आगे रखें। एक अखंड ज्योति मां लक्ष्मी के आगे जलती रहने दें। इसके बाद एक दिया घर के जल के स्रोत के पास रखें। एक दिया रसोई घर में रखें, उसके बाद घर के मुख्य द्वार पर दो दिए बाहर की ओर मुंह किए हुए रखें। एक दिए को चौराहे पर रखें, एक दिया अपने पितरों के लिए पीपल के पेड़ के नीचे मिठाई के साथ रख कर आएं।

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नीलम
8847472411 

 

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