Shakambhari Devi Pooja: अपने घर को हरा-भरा बनाने के लिए इस विधि से करें माता शाकंभरी की पूजा, जीवन में नहीं रहेगी कोई कमी

Edited By Updated: 02 Jan, 2026 12:26 PM

shakambhari devi pooja

Shakambhari Devi Pooja: माता शाकंभरी को अन्न, जल और वनस्पति की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। पौष पूर्णिमा के दिन उनकी पूजा करने से जीवन में अन्न-समृद्धि, स्वास्थ्य और प्रकृति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। शास्त्रों और हिंदू पंचांग के अनुसार घर में...

Shakambhari Devi Pooja: माता शाकंभरी को अन्न, जल और वनस्पति की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। पौष पूर्णिमा के दिन उनकी पूजा करने से जीवन में अन्न-समृद्धि, स्वास्थ्य और प्रकृति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। शास्त्रों और हिंदू पंचांग के अनुसार घर में सरल विधि से की गई पूजा भी अत्यंत फलदायी मानी गई है।

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Shakambhari Devi Pooja

पौष पूर्णिमा पर मां शाकंभरी पूजा विधि (घर पर)
स्नान और संकल्प

प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
पूजन स्थान को शुद्ध कर माता शाकंभरी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर संकल्प करें– “मैं अपने परिवार की सुख-समृद्धि, अन्न-धन और स्वास्थ्य की कामना से माता शाकंभरी की पूजा कर रहा/रही हूं।”

कलश स्थापना
तांबे या मिट्टी के कलश में जल भरें।
उसमें सुपारी, सिक्का, अक्षत, आम या अशोक के पत्ते रखें।
नारियल रखकर कलश को माता के समीप स्थापित करें।

माता शाकंभरी का अभिषेक
माता के चित्र या प्रतिमा को शुद्ध जल से स्नान कराएं।
इसके बाद गंगाजल या पंचामृत से हल्का अभिषेक करें।
अभिषेक के बाद स्वच्छ वस्त्र या चुनरी अर्पित करें।

शाक और अन्न का विशेष भोग
माता शाकंभरी की पूजा में शाक (हरी सब्जियां) का विशेष महत्व है।
हरी सब्जियां (पालक, मेथी, लौकी आदि) फल, गुड़, तिल, खिचड़ी या सादा अन्न

जल या दूध
लहसुन-प्याज रहित भोग ही अर्पित करें।

Shakambhari Devi Pooja vidhi

मंत्र जप और आरती
कम से कम 108 बार निम्न मंत्र का जप करें:

माता शाकंभरी मंत्र
ॐ शाकंभरी देव्यै नमः॥
इसके बाद माता की आरती करें और क्षमा प्रार्थना करें।

दान और सेवा
गरीबों को अन्न, सब्जी, फल और जल का दान करें।
गौ-सेवा या पक्षियों को दाना डालना भी शुभ माना गया है।

माता शाकंभरी की पूजा के लाभ
अन्न और धन की कमी दूर होती है
घर में कभी अन्न का अभाव नहीं होता और आर्थिक स्थिरता आती है।

रोग और दुर्भिक्ष से रक्षा
माता की कृपा से परिवार को रोग, महामारी और प्राकृतिक कष्टों से सुरक्षा मिलती है।

संतान और पारिवारिक सुख
संतान के स्वास्थ्य, पढ़ाई और पारिवारिक शांति में वृद्धि होती है।

कृषि और व्यवसाय में उन्नति
किसान, व्यापारी और अन्न से जुड़े कार्य करने वालों को विशेष लाभ मिलता है।

प्रकृति और पर्यावरण का आशीर्वाद
देवी शाकंभरी की पूजा से पर्यावरण संतुलन और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।

शास्त्रीय मान्यता का अनुसार माता शाकंभरी अन्नपूर्ण जीवन और आरोग्य प्रदान करती हैं। जो भक्त पौष पूर्णिमा के दिन उपवास, शाकाहार और दान करता है, उस पर माता शाकंभरी शीघ्र प्रसन्न होती हैं और घर में सदा हरियाली व समृद्धि बनाए रखती हैं। 

Shakambhari Devi Pooja

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