JNU ने जारी की परीक्षा की तारीख, 12 से शुरू होंगी परीक्षाएं

Edited By Updated: 07 Dec, 2019 09:37 AM

jnu released exam date examinations will start from 12

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) प्रशासन ने आम छात्रों को सलाह...

नई दिल्ली : जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) प्रशासन ने आम छात्रों को सलाह दी है कि वह परीक्षा बहिष्कार की भ्रामक घोषणा के शिकार ना हो और 12 दिसम्बर से शुरू हो रही सेमेस्टर परीक्षाओं में शमिल हो । जेएनयू  प्रशासन ने कहा है कि आंदोलनकारी छात्र बड़ी संख्या में वास्तविक छात्रों के मौलिक अधिकारों को प्रभावित कर रहे हैं। जेएनयू में छात्रावास के नए नियमों व फीस बढ़ोतरी को लेकर छात्र पिछले 38 दिनों से आंदोलित हैं। छात्रों के इस आंदोलन को लेकर 12 दिसंबर से शुरू होने वाली सेमेस्टर परीक्षा के आयोजन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। 

विवि प्रशासन जहां अब तक कई बार छात्रों से आंदोलन छोड़ सेमेस्टर परीक्षा में शामिल होने की अपील कर चुका हैं, तो वहीं छात्रसंघ विवि आम सभा बैठक में प्रस्ताव पारित कर परीक्षा बहिष्कार की घोषणा कर चुका है। खुद वीसी ने भी इससे पहले अपील की थी। रजिस्ट्रार की तरफ से शुक्रवार को जारी बयान के अनुसार उन्हें कई छात्रों की तरफ से इस संबंध में संदेश प्राप्त हुए हैं। जिसमें छात्रों को धमकी मिल रही है। 

बयान में रजिस्ट्रार ने कहा है कि छात्रों के भविष्य को देखते हुए स्कूलों व केंद्रों के अध्यक्षों व डीनों ने शिक्षकों ने सेमेस्टर परीक्षा आयोजित करने की प्रतिबद्धता दिखाई है। जिसके तहत स्कूल व केंद्र परीक्षा आयोजन के हर संभव प्रयास करेंगे। साथ ही यहां पर ध्यान देने की जरूरत है कि जो छात्र परीक्षा नहीं देने जा रहे हैं, वह  फेल होने के साथ ही कम ग्रेड पाएंगे। ऐसे छात्र पात्रता मानदंड पूरा करने के बाद भी जीरो सेमेस्टर की पात्रता के योग्य नहीं होंगे। हालांकि परीक्षा ना देने वाले छात्रों की पाठ्यक्रम अवधि बढ़ जाएगी।

छात्रों के आंदोलन को जेएनयू शिक्षक संघ का समर्थन 
छात्रावास के नए नियमों व शुल्क बढ़ोतरी को लेकर जारी छात्र आंदेालन को जेएनयू शिक्षक संघ का एक बार फिर समर्थन मिला है। शिक्षकों की आम सभा बैठक में शिक्षकों ने छात्र आंदोलन की तारीफ करते हुए इसे साहसी कदम बताया है। साथ ही शिक्षकों ने 12 दिसंबर से समेस्टर परीक्षाओं को अधिसूचित करने संबंधी विवि विश्वविद्यालय के फैसले की निंदा करते हुए कहा है कि  साथ  कुलपति शैक्षणिक गतिविधियों को पूरा करने में विफल रहे है। वहीं शिक्षक यूजीबीए में प्रस्ताव पास हुआ है कि वह विवि के कुलाधिपति राष्ट्रपति से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए कुलपति को पद से हटाने का आदेश जारी करने की मांग करेंगे।

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