Edited By Mansi,Updated: 12 Jun, 2026 03:15 PM
हाल ही में एक पॉडकास्ट में बानिजय एंटरटेनमेंट के सीईओ दीपक धर ने इसी बदलाव को एक निजी अनुभव के जरिए समझाया। उन्होंने बताया कि कैसे उनके अपने घर में घटी एक साधारण घटना ने उन्हें मनोरंजन उद्योग के बदलते स्वरूप का एहसास कराया।
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। मनोरंजन की दुनिया अब पहले जैसी नहीं रही। कभी पूरा परिवार एक ही टीवी स्क्रीन के सामने बैठकर एक ही शो या फिल्म देखा करता था, लेकिन डिजिटल युग ने इस तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है। आज दर्शक अपनी पसंद, सुविधा और उम्र के हिसाब से अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट देखना पसंद करते हैं। इस बदलाव ने सिर्फ देखने के तरीकों को नहीं बदला, बल्कि कंटेंट बनाने और उसे दर्शकों तक पहुंचाने की रणनीतियों को भी नया रूप दिया है।
दीपक धर ने साझा किया दिलचस्प अनुभव
हाल ही में एक पॉडकास्ट में बानिजय एंटरटेनमेंट के सीईओ दीपक धर ने इसी बदलाव को एक निजी अनुभव के जरिए समझाया। उन्होंने बताया कि कैसे उनके अपने घर में घटी एक साधारण घटना ने उन्हें मनोरंजन उद्योग के बदलते स्वरूप का एहसास कराया।
जब फिल्म देखने बैठे, लेकिन हर किसी की स्क्रीन अलग थी
दीपक धर ने बताया कि एक वीकेंड पर उन्होंने अपनी बेटी अनुष्का से साथ में फिल्म देखने का सुझाव दिया। बेटी ने हामी भर दी और दोनों टीवी रूम में पहुंच गए। लेकिन वहां पहुंचकर उन्होंने देखा कि जहां उन्होंने टीवी का रिमोट उठाया, वहीं उनकी बेटी ने अपना लैपटॉप खोल लिया।
धर के अनुसार, जब उन्होंने बेटी से कहा कि साथ में फिल्म देखते हैं, तो उसका जवाब था कि वह भी फिल्म ही देख रही है, बस अपनी स्क्रीन पर। इस छोटे से पल ने उन्हें यह समझा दिया कि आज की पीढ़ी कंटेंट को बिल्कुल अलग तरीके से कंज्यूम करती है।
एक लिविंग रूम बना मल्टी-प्लेटफॉर्म इकोसिस्टम
दीपक धर ने आगे बताया कि उसी कमरे में उनकी पत्नी हेडफोन लगाकर किसी और कंटेंट में व्यस्त थीं। यानी एक ही लिविंग रूम में तीन लोग मौजूद थे, लेकिन तीनों अलग-अलग स्क्रीन और अलग-अलग कहानियों से जुड़े हुए थे।
उनके मुताबिक, यही वह क्षण था जब उन्हें महसूस हुआ कि मनोरंजन उद्योग का बिजनेस मॉडल कितनी तेजी से बदल चुका है। अब कंटेंट किसी एक स्क्रीन तक सीमित नहीं है, बल्कि हर दर्शक के लिए अलग-अलग अनुभव तैयार किए जा रहे हैं।
हर दर्शक के लिए अलग कंटेंट की बढ़ी मांग
आज कंटेंट का उपभोग बेहद व्यक्तिगत हो चुका है। युवा दर्शकों की पसंद, परिवारों की रुचियां और अलग-अलग आयु वर्ग की अपेक्षाएं एक-दूसरे से काफी अलग हैं। ऐसे में कंटेंट क्रिएटर्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती हर वर्ग के लिए प्रासंगिक और आकर्षक कहानियां तैयार करने की है।
बानिजय एंटरटेनमेंट ने इसी बदलाव को समय रहते समझा और अपने कंटेंट पोर्टफोलियो को उसी हिसाब से विकसित किया।
हर प्लेटफॉर्म पर दर्शकों तक पहुंचने की रणनीति
कंपनी का फोकस लंबे समय से ऐसे कंटेंट पर रहा है जो टेलीविजन, ओटीटी, रियलिटी शो और स्क्रिप्टेड ड्रामा जैसे सभी माध्यमों पर दर्शकों से जुड़ सके। बदलती देखने की आदतों को ध्यान में रखते हुए बानिजय एंटरटेनमेंट लगातार ऐसे फॉर्मेट और कहानियां विकसित कर रहा है जो विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर समान रूप से प्रभाव छोड़ सकें।
स्क्रिप्टेड कंटेंट में मजबूत पहचान
बानिजय एशिया और एंडेमोल शाइन इंडिया ने पिछले कुछ वर्षों में स्क्रिप्टेड कंटेंट की दुनिया में कई चर्चित और सफल प्रोजेक्ट्स दिए हैं। कंपनी के खाते में 'द नाइट मैनेजर', 'द ट्रायल', 'होस्टेजेस', 'कॉल माई एजेंट: बॉलीवुड', 'अनदेखी', 'आर्या', 'बॉम्बे बेगम्स' और 'ट्रायल बाय फायर' जैसे लोकप्रिय शो शामिल हैं।
इसके अलावा कंपनी वैश्विक स्तर पर चर्चित मेडिकल ड्रामा 'हाउस एम.डी.' के भारतीय रूपांतरण पर भी काम कर रही है, जिसे लेकर दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है।
रियलिटी और नॉन-स्क्रिप्टेड कंटेंट में भी दबदबा
नॉन-स्क्रिप्टेड कंटेंट के क्षेत्र में भी बानिजय एंटरटेनमेंट ने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। कंपनी भारत के कई बड़े और लोकप्रिय रियलिटी शोज़ का निर्माण कर चुकी है, जिनमें 'बिग बॉस', 'खतरों के खिलाड़ी', 'मास्टरशेफ इंडिया', 'एमटीवी रोडीज', 'द कपिल शर्मा शो', 'द 50', 'राइज एंड फॉल' और 'इंटू द वाइल्ड विद बेयर ग्रिल्स' जैसे नाम शामिल हैं।
मनोरंजन का भविष्य है पर्सनलाइज्ड कंटेंट
दीपक धर के अनुभव से यह साफ होता है कि आज का दर्शक अपनी पसंद के मुताबिक कंटेंट चुनना चाहता है। एक ही परिवार के सदस्य अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स और स्क्रीन पर अपनी पसंद का मनोरंजन तलाश रहे हैं। ऐसे में वही कंपनियां आगे बढ़ेंगी जो इस बदलती मांग को समझकर विविध और पर्सनलाइज्ड कंटेंट उपलब्ध कराएंगी।
बानिजय एंटरटेनमेंट इसी दिशा में काम करते हुए हर पीढ़ी, भाषा और प्लेटफॉर्म के दर्शकों को जोड़ने वाली कहानियां तैयार कर रहा है।