Edited By Pardeep,Updated: 28 Mar, 2026 09:37 PM

दक्षिणी लेबनान पर शनिवार को इजराइली हवाई हमले में तीन पत्रकारों की मौत हो गई, जो इजराइल-हिजबुल्ला युद्ध की कवरेज कर रहे थे। यह जानकारी उनके टीवी चैनलों ने दी। हिजबुल्ला के अल-मनार टीवी ने बताया कि उसके वरिष्ठ संवाददाता अली शोएब की शनिवार को दक्षिणी...
इंटरनेशनल डेस्कः दक्षिणी लेबनान पर शनिवार को इजराइली हवाई हमले में तीन पत्रकारों की मौत हो गई, जो इजराइल-हिजबुल्ला युद्ध की कवरेज कर रहे थे। यह जानकारी उनके टीवी चैनलों ने दी। हिजबुल्ला के अल-मनार टीवी ने बताया कि उसके वरिष्ठ संवाददाता अली शोएब की शनिवार को दक्षिणी लेबनान में मौत हो गई।
इजराइली सेना ने कहा कि उसने शोएब को निशाना बनाया और आरोप लगाया कि वह हिजबुल्ला के लिए जासूसी करता था। हालांकि, इसके समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया गया। इस बीच, बेरूत स्थित अल-मयादीन टीवी ने कहा कि रिपोर्टर फातिमा फ्तौनी भी उसी हवाई हमले में दक्षिणी जिले जेजीन में मारी गईं। उनके साथ उनके भाई मोहम्मद की भी मौत हो गई, जो वीडियो पत्रकार थे। हमले से ठीक पहले फातिमा दक्षिणी लेबनान से लाइव रिपोर्ट दे रही थीं। लेबनान के शीर्ष अधिकारियों ने इस हमले की निंदा की। राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इसे ''एक घोर अपराध बताया जो पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़े सभी कानूनों और समझौतों का उल्लंघन करता है।''
अल-मनार ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इजराइली हवाई हमले ने पत्रकारों को निशाना बनाया। जाने-माने लेबनानी युद्ध संवाददाता शोएब लगभग तीन दशकों से अल-मनार के लिए दक्षिण लेबनान की रिपोर्टिंग कर रहे थे। इजराइली सेना ने दावा किया कि शोएब ''व्यवस्थित रूप से दक्षिणी लेबनान में तैनात (इजराइली) सैनिकों की लोकेशन उजागर कर रहे थे।'' सेना ने उनपर हिजबुल्ला लड़ाकों से संपर्क रखने और इजराइली सैनिकों व नागरिकों के खिलाफ भड़काने का भी आरोप लगाया। अल-मनार टीवी ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
इजराइली सेना ने अपने बयान में अन्य दो मृतकों का उल्लेख नहीं किया। दो मार्च से शुरू हुए इजराइल-हिजबुल्ला युद्ध के बाद से इजराइल की वायुसेना ने हिजबुल्ला के कई नागरिक ठिकानों पर हमले किए हैं, जिनमें अल-मनार का मुख्यालय और समूह का अल-नूर रेडियो स्टेशन शामिल हैं।
शनिवार का यह हमला कुछ दिन पहले हुए उस हवाई हमले के बाद हुआ, जिसमें बेरूत के मध्य क्षेत्र में एक अपार्टमेंट पर हमले में अल-मनार टीवी के राजनीतिक कार्यक्रमों के प्रमुख मोहम्मद शेरी और उनकी पत्नी की मौत हो गई थी। ताजा घटनाओं के बाद इस वर्ष लेबनान में मारे गए पत्रकारों और मीडिया कर्मियों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है।