Edited By Pardeep,Updated: 23 Oct, 2026 06:11 AM

फ्रांस में शमोंडा वायरस (Shamonda Virus) का इंसानों में पहला मामला सामने आने और संक्रमित मरीज की मौत के बाद दुनिया भर की स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। यह वायरस अब तक केवल पशुओं में पाया जाता था, लेकिन इतिहास में पहली बार इसके किसी इंसान को...
पेरिस: फ्रांस में शमोंडा वायरस (Shamonda Virus) का इंसानों में पहला मामला सामने आने और संक्रमित मरीज की मौत के बाद दुनिया भर की स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। यह वायरस अब तक केवल पशुओं में पाया जाता था, लेकिन इतिहास में पहली बार इसके किसी इंसान को संक्रमित करने का मामला दर्ज किया गया है। संक्रमित मरीज की अक्टूबर की शुरुआत में मौत हो गई थी, जिसके बाद इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।
60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद बढ़ी चिंता
जानकारी के अनुसार, शमोंडा वायरस से संक्रमित मरीज की उम्र करीब 60 वर्ष थी और वह पहले से ही किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा था। इसके अलावा उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) भी काफी कमजोर थी। फिलहाल फ्रांसीसी स्वास्थ्य अधिकारी इस बात की गहन जांच कर रहे हैं कि मरीज की मौत सीधे तौर पर शमोंडा वायरस के कारण हुई है या किसी अन्य पुरानी बीमारी के जटिल होने की वजह से।
क्या है शमोंडा वायरस और कैसे फैलता है?
शमोंडा वायरस की सबसे पहले पहचान 1960 के दशक में अफ्रीकी देश नाइजीरिया में की गई थी।
- प्रभावित जीव: यह वायरस मुख्य रूप से मवेशियों, भेड़ों, बकरियों और घोड़ों जैसे पशुओं को प्रभावित करता है।
- फैलने का तरीका: पशुओं में यह संक्रमण 'कुलिकोइड्स मिजेस' (Culicoides midges) नाम की छोटी काटने वाली मक्खियों व कीड़ों के जरिए फैलता है।
- संक्रमण का स्रोत: फ्रांसीसी स्वास्थ्य अधिकारियों का अनुमान है कि पीड़ित व्यक्ति पूर्वी फ्रांस में किसी संक्रमित कीड़े के काटने से इस वायरस की चपेट में आया हो सकता है। हालांकि, इंसानों में इसके फैलने के सटीक तरीके और दर पर अभी शोध जारी है।
WHO ने शुरू की निगरानी, आम जनता के लिए स्थिति नियंत्रण में
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस घेब्रेयेसस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बताया कि संगठन लगातार फ्रांस के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ तालमेल बनाए हुए है और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर इसके संभावित प्रभाव का आकलन कर रहा है।
विशेषज्ञों और स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार, फिलहाल ऐसे कोई सबूत नहीं मिले हैं कि शमोंडा वायरस इंसानों में बड़े पैमाने पर या आसानी से फैल रहा है। आम जनता के लिए किसी बड़े खतरे की पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि कमजोर इम्यून सिस्टम वाले व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।