इजराइल के केमिकल प्लांट पर ईरान का मिसाइल हमला : जहरीले रिसाव की चेतावनी, आसमान में छाया काला धुंआ (Video)

Edited By Updated: 29 Mar, 2026 11:02 PM

iran targets israeli chemical plant

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के हमले के बाद बीयरशेवा में हालात चिंताजनक हो गए हैं। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, हमले के बाद गिरते मलबे से कम से कम 4 लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। मागेन डेविड एडोम (इजराइल की इमरजेंसी सेवा) ने बताया कि 9 अन्य...

इंटरनेशनल डेस्कः  मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के हमले के बाद बीयरशेवा में हालात चिंताजनक हो गए हैं। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, हमले के बाद गिरते मलबे से कम से कम 4 लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। मागेन डेविड एडोम (इजराइल की इमरजेंसी सेवा) ने बताया कि 9 अन्य लोगों का इलाज घबराहट और सदमे (एंग्जायटी) के कारण किया जा रहा है।

केमिकल प्लांट पर हमला, रिसाव की आशंका

हमले में दक्षिणी इजराइल के एक केमिकल प्लांट को भी निशाना बनाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने आसपास के लोगों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी कर दी। लोगों को संभावित जहरीले रिसाव के खतरे के चलते घरों के अंदर रहने की सख्त सलाह दी गई है।

अडामा कंपनी का प्लांट भी चपेट में

रिपोर्ट्स के अनुसार, Adama से जुड़ी इंडस्ट्रियल साइट मख्तेशिम भी इस हमले की चपेट में आई। कंपनी ने कहा कि नुकसान ड्रोन हमले या इंटरसेप्शन के दौरान गिरे मलबे से भी हो सकता है। अल जज़ीरा के मुताबिक, बीयरशेवा क्षेत्र में “खतरनाक पदार्थ के रिसाव” की आशंका की जांच की जा रही है। औद्योगिक क्षेत्र के पास रहने वाले लोगों को घरों में रहने, खिड़कियां बंद रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।


हाईवे बंद, आपातकालीन कदम जारी

स्थिति को संभालने के लिए कई आपातकालीन कदम उठाए गए हैं:

  • बीयरशेवा को देश के मध्य हिस्सों से जोड़ने वाला एक प्रमुख हाईवे बंद कर दिया गया
  • संभावित प्रदूषण को रोकने के प्रयास जारी
  • केमिकल रिसाव रोकने के लिए इलाके को ठंडा किया जा रहा है
  • आग बुझाने की कोशिशें जारी हैं

19 खतरनाक इकाइयों वाला इलाका

यह प्रभावित क्षेत्र बेहद संवेदनशील माना जाता है, जहां करीब 19 औद्योगिक इकाइयां मौजूद हैं, जिनमें ब्रोमाइड प्लांट, फार्मास्युटिकल फैक्ट्रियां और इजराइल के प्रमुख खतरनाक कचरा निपटान स्थल शामिल हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस इलाके में “बहुत कुछ दांव पर लगा हुआ है।”

सैन्य सेंसरशिप के कारण सीमित जानकारी

हमले में किस सटीक प्लांट को निशाना बनाया गया और उसकी प्रकृति क्या थी, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। सैन्य सेंसरशिप के चलते कई विवरणों को सार्वजनिक नहीं किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेगेव क्षेत्र में रातभर हुए हमलों का मुख्य फोकस औद्योगिक ढांचे और सैन्य ठिकानों पर रहा।

बढ़ता खतरा, बढ़ती चिंता

इस हमले ने न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी खतरों को भी बढ़ा दिया है। प्रशासन हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

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