Edited By Parveen Kumar,Updated: 06 Mar, 2026 06:56 PM

मिडिल ईस्ट में चल रहे भीषण संघर्ष के बीच शुक्रवार सुबह इज़राइल ने ईरान की राजधानी तेहरान में बड़ा सैन्य हमला किया। इज़राइली फाइटर जेट्स ने शहर के बीच स्थित सुप्रीम लीडर के लीडरशिप कंपाउंड के नीचे बने एक अंडरग्राउंड बंकर को निशाना बनाया। इज़राइली एयर...
नेशनल डेस्क : मिडिल ईस्ट में चल रहे भीषण संघर्ष के बीच शुक्रवार सुबह इज़राइल ने ईरान की राजधानी तेहरान में बड़ा सैन्य हमला किया। इज़राइली फाइटर जेट्स ने शहर के बीच स्थित सुप्रीम लीडर के लीडरशिप कंपाउंड के नीचे बने एक अंडरग्राउंड बंकर को निशाना बनाया। इज़राइली एयर फ़ोर्स के मुताबिक इस ऑपरेशन में करीब 50 लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया। यह कार्रवाई इज़राइली मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिली सटीक जानकारी और खुफिया एजेंसी मोसाद के समन्वय के आधार पर की गई।
सुप्रीम लीडर के लिए बनाया गया था गुप्त बंकर
इज़राइल का दावा है कि यह अंडरग्राउंड बंकर ईरान के सुप्रीम लीडर के लिए तैयार किया गया एक सुरक्षित कमांड सेंटर था, जहां से युद्ध की स्थिति में संचालन किया जा सकता था। हालांकि इज़राइली सेना के मुताबिक ऑपरेशन “रोरिंग लायन” के दौरान हुए पहले के हमलों में ही सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे जा चुके थे, इसलिए उन्होंने इस बंकर का इस्तेमाल नहीं किया। उनकी मौत के बाद भी ईरानी शासन के वरिष्ठ अधिकारी इस परिसर का उपयोग करते रहे।
בלב טהרן: כ-50 מטוסי קרב של חיל-האוויר תקפו הבוקר, בהכוונה מדויקת של אמ"ן ובשיתוף אמ"ץ, והשמידו את הבונקר התת-קרקעי של עלי ח'אמנהאי שהוקם מתחת למתחם ההנהגה של המשטר האיראני. pic.twitter.com/jdWupfBUd3
— Israeli Air Force (@IAFsite) March 6, 2026
खामेनेई की मौत से सत्ता ढांचे को झटका
86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई तीन दशकों से अधिक समय तक ईरान के सुप्रीम लीडर रहे। ईरानी सरकारी मीडिया ने रविवार को उनकी मौत की पुष्टि की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों में मारे गए। खामेनेई ने 1989 में आयतुल्लाह रूहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद सत्ता संभाली थी और लंबे समय तक देश के राजनीतिक और सैन्य ढांचे को मजबूत किया। उनके शासन में रिवोल्यूशनरी गार्ड देश की सबसे प्रभावशाली सैन्य और आर्थिक ताकत बन गया।
हमलों की नई लहर से बढ़ा क्षेत्रीय तनाव
तेहरान पर हमले के साथ ही पूरे क्षेत्र में हिंसा की नई लहर देखने को मिली। इज़राइल ने दावा किया है कि उसने ईरान के कई एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइल लॉन्चर नष्ट कर दिए हैं। इसके जवाब में ईरान ने कुवैत, कतर, सऊदी अरब और बहरीन की ओर मिसाइल और ड्रोन दागे, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। इस बीच लेबनान में भी इज़राइल ने बेरूत के दक्षिणी हिस्सों पर कई हवाई हमले किए, जिससे बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे।
युद्ध का असर पूरे क्षेत्र पर
अमेरिका और इज़राइल की ओर से ईरान के सैन्य ठिकानों, नेतृत्व केंद्रों और परमाणु प्रतिष्ठानों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। जवाब में ईरान भी ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिए प्रतिक्रिया दे रहा है। इस संघर्ष का असर पूरे मिडिल ईस्ट में दिखाई दे रहा है, जिससे तेल सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा प्रभावित हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक ईरान में 1,200 से ज्यादा, लेबनान में 120 से अधिक, इज़राइल में करीब एक दर्जन और छह अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है।