Edited By Tanuja,Updated: 18 Jan, 2026 12:26 PM

मिनियापोलिस में ट्रंप प्रशासन की सख्त आव्रजन कार्रवाई के विरोध और समर्थन में उतरे प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। हालात को देखते हुए नेशनल गार्ड को अलर्ट पर रखा गया है। अदालत ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर रोक लगाई है।
International Desk: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की सख्त आव्रजन नीति को लेकर शनिवार को मिनियापोलिस में हालात तनावपूर्ण हो गए। आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन एजेंसी (ICE) की कार्रवाई के समर्थकों और विरोधियों के बीच झड़पें हुईं, जिसके बाद राज्य प्रशासन को सतर्कता बढ़ानी पड़ी।गवर्नर कार्यालय ने बताया कि नेशनल गार्ड के जवानों को तैनाती के लिए बुला लिया गया है। वे राज्य की कानून-प्रवर्तन एजेंसियों की मदद के लिए तैयार हैं, हालांकि फिलहाल उन्हें शहर की सड़कों पर तैनात नहीं किया गया है।
अमेरिकी गृह मंत्रालय द्वारा मिनियापोलिस और सेंट पॉल में 2,000 से अधिक संघीय अधिकारियों की तैनाती के बाद से यहां रोजाना प्रदर्शन हो रहे हैं। इन अधिकारियों को इलाके में आव्रजन प्रवर्तन को और सख्त बनाने के लिए लाया गया है। शनिवार को मिनियापोलिस में एक ओर बड़ी संख्या में आव्रजन कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शनकारी थे, वहीं दूसरी ओर ICE समर्थक और सोमाली विरोधी समूहों की रैली चल रही थी। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से हालात बिगड़ गए और झड़पें शुरू हो गईं। प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे हैं कि आव्रजन अधिकारी लोगों को घरों और कारों से जबरन बाहर खींच रहे हैं और अत्यधिक आक्रामक तरीके अपना रहे हैं।
इस अभियान के दौरान कम से कम एक व्यक्ति की मौत की भी पुष्टि हुई है। इस बीच, मिनेसोटा की एक न्यायाधीश ने शुक्रवार को अहम आदेश जारी करते हुए कहा कि हालिया बड़े आव्रजन अभियान में शामिल संघीय अधिकारी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को हिरासत में नहीं ले सकते और न ही उन पर आंसू गैस का इस्तेमाल कर सकते हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अधिकारी वाहनों में बैठे दर्शकों को तब तक हिरासत में नहीं ले सकते, जब तक यह साबित न हो कि वे कानून-प्रवर्तन के काम में बाधा डाल रहे हैं।