Edited By Tanuja,Updated: 03 Oct, 2023 04:11 PM

पाकिस्तान में रह रहे अफगान शरणार्थियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) की एक रिपोर्ट...
इंटरनेशनल डेस्कः पाकिस्तान में रह रहे अफगान शरणार्थियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) की एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में रहने वाले अफगान नागरिकों की आबादी इस साल जून तक 3.7 मिलियन हो गई है, जिनमें से केवल 1.3 मिलियन आधिकारिक तौर पर रजिस्टर्ड हैं।रोजी-रोटी से बेजार इन लोगों को पाकिस्तान से खदेड़ने का खतरा बना रहता है। यही नहीं आए दिन इन पर पुलिस का डंडा भी चलता रहता है। ताजा मामले में इस्लामाबाद पुलिस ने 800 अफगान शरणार्थियों को हिरासत में लिया है, जिनमें से 375 को दस्तावेजों की कमी के कारण निर्वासन का सामना करना पड़ा।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस्लामाबाद पुलिस ने बारा काहू, त्रिनोल, महार अबाडियन, गोलरा और शम्स कॉलोनी में सर्च ऑपरेशन को अंजाम देते हुए 800 अफगान नागरिकों को गिरफ्तार किया।पुलिस ने बताया कि 400 अफगान नागरिकों को बाद में दस्तावेज दिखाने पर रिहा कर दिया गया, जबकि 375 अन्य के पास कोई पहचान पत्र नहीं था, जबकि 25 शेष अफगानों को उनके आईडी प्रूफ के सत्यापन होने तक हिरासत में लिया गया है।
पुलिस ने कहा कि अधिकारियों ने गिरफ्तार किए गए 375 अफगान नागरिकों को, पाकिस्तान से निर्वासित करने का फैसला किया है।ARY न्यूज ने के मुताबिक अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद मौत की धमकियों और उत्पीड़न के डर के कारण अफगान शरणार्थी, ईरान और पाकिस्तान की ओर रुख कर रहे हैं। लगभग 775,000 अपंजीकृत अफगानी लोग पाकिस्तान में रह रहे हैं।
पाकिस्तान में 68.8 प्रतिशत अफगानी नागरिक छोटे शहरों में बस गए हैं, जबकि शेष 31.2 प्रतिशत गांवों सहित 54 अलग-अलग क्षेत्रों में भटक रहे हैं। TOLONews की रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान के नेतृत्व वाले शरणार्थी और प्रत्यावर्तन विभाग ने कहा कि इससे पहले, ईरान ने पिछले महीने 43,000 अफगान अवैध अप्रवासियों को उनके देश वापस भेज दिया था।