इस देश में बंद हुई Internet सेवाएं, सरकार ने काटी फोन लाइनें, जानें कारण?

Edited By Updated: 09 Jan, 2026 12:25 PM

massive popular uprising in iran government cuts internet and phone lines

ईरान की राजधानी तेहरान समेत देश के कई शहर इस समय भीषण विरोध प्रदर्शनों की आग में जल रहे हैं। गुरुवार 8 जनवरी की रात को देश की बदहाल अर्थव्यवस्था और महंगाई के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। स्थिति को बेकाबू होते देख ईरानी सरकार ने तेहरान और आसपास...

इंटरनेशनल डेस्क। ईरान की राजधानी तेहरान समेत देश के कई शहर इस समय भीषण विरोध प्रदर्शनों की आग में जल रहे हैं। गुरुवार 8 जनवरी की रात को देश की बदहाल अर्थव्यवस्था और महंगाई के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। स्थिति को बेकाबू होते देख ईरानी सरकार ने तेहरान और आसपास के इलाकों में इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं पूरी तरह ठप कर दी हैं ताकि प्रदर्शनकारियों के बीच संचार को रोका जा सके।

क्राउन प्रिंस की अपील और जनता का गुस्सा

यह विरोध प्रदर्शन तब और तेज हो गया जब देश से निर्वासित (Exiled) क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने जनता से बड़े पैमाने पर रैली निकालने की अपील की। रेजा पहलवी के पिता जो ईरान के आखिरी शाह थे 1979 की इस्लामिक क्रांति से ठीक पहले देश छोड़कर भाग गए थे। हैरानी की बात यह है कि प्रदर्शनों में शाह के समर्थन में नारे लगाए गए। एक समय ऐसा था जब ईरान में ऐसे नारों के लिए मौत की सजा दी जाती थी लेकिन अब आर्थिक तंगी ने लोगों के मन से मौत का खौफ निकाल दिया है।

यह भी पढ़ें: Cancer Awareness: लंबे समय की कब्ज बन सकती है बड़ा खतरा? जानें कहीं इस गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं!

हिंसा और गिरफ्तारियों का बढ़ता आंकड़ा

ईरान के शहरों और ग्रामीण कस्बों में बुधवार से शुरू हुआ यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदर्शनकारियों के समर्थन में कई बाजारों में तालाबंदी कर दी गई है। अमेरिका स्थित 'ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स एजेंसी' के मुताबिक हिंसा में अब तक कम से कम 39 लोगों की मौत हो चुकी है। सुरक्षा बलों ने अब तक 2,260 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है।

क्या यह आंदोलन सत्ता बदल पाएगा?

ईरान की नागरिक सरकार और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दबाव लगातार बढ़ रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस आंदोलन के सामने सबसे बड़ी चुनौती एक 'मजबूत नेता' की कमी है। इस बार का टेस्ट यह है कि क्या ईरानी जनता विदेश में बैठे क्राउन प्रिंस के संदेशों पर भरोसा करेगी या यह आंदोलन भी पिछले प्रदर्शनों की तरह नेतृत्व के अभाव में दम तोड़ देगा।

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!