Edited By Pardeep,Updated: 30 May, 2025 12:11 AM

भारतीय मूल के अमेरिकी उद्यमी और रिपब्लिकन नेता विवेक रामस्वामी की पत्नी अपूर्वा के साथ 10वीं शादी की सालगिरह पर की गई पोस्ट ने सोशल मीडिया पर नस्लीय टिप्पणियों और घृणा भरे संदेशों की बाढ़ ला दी।
इंटरनेशनल डेस्कः भारतीय मूल के अमेरिकी उद्यमी और रिपब्लिकन नेता विवेक रामस्वामी की पत्नी अपूर्वा के साथ 10वीं शादी की सालगिरह पर की गई पोस्ट ने सोशल मीडिया पर नस्लीय टिप्पणियों और घृणा भरे संदेशों की बाढ़ ला दी। रामस्वामी ने अपनी पोस्ट में बताया कि कैसे 2011 में पहली मुलाकात के बाद दोनों ने फ्लैटॉप माउंटेन की चढ़ाई की थी और 14 साल बाद अपने दो बच्चों के साथ उसी पर्वतारोहण स्थल पर लौटे। उन्होंने इसे जीवन के सफर और अपूर्वा के प्रति आभार के रूप में साझा किया।
हालांकि, इस पोस्ट पर कई यूजर्स ने नस्लीय और घृणास्पद टिप्पणियां कीं। कुछ ने उन्हें भारत वापस जाने की सलाह दी तो कुछ ने उनके रंग को लेकर आपत्तिजनक सवाल उठाए। इस तरह की प्रतिक्रियाएं रामस्वामी की H-1B वीजा नीति पर हालिया बयानों के संदर्भ में आईं जिसमें उन्होंने इस प्रणाली को 'दासता' जैसा बताया था। उनके अनुसार, यह प्रणाली कंपनियों के लाभ के लिए काम करती है और इसे सुधारने की आवश्यकता है। हालांकि, वह स्वयं 29 बार H-1B वीज़ा का उपयोग कर चुके हैं।
रामस्वामी के इस बयान ने रिपब्लिकन पार्टी में भी विवाद खड़ा कर दिया है। कुछ नेता, जैसे निक्की हेली, ने इसे अमेरिकी संस्कृति का अपमान बताया है, जबकि एलोन मस्क ने इसे वैश्विक प्रतिभाओं को आकर्षित करने की आवश्यकता के रूप में समर्थन किया है।
इस घटना ने यह सवाल खड़ा किया है कि क्या अमेरिका में भारतीय मूल के नेताओं को अपनी पहचान और विचारों के कारण नस्लीय भेदभाव का सामना करना पड़ता है और क्या यह घटना अमेरिकी राजनीति में विविधता और समावेशिता की आवश्यकता को उजागर करती है।