इंडोनेशिया : बाली में पेट्रोल-डीजल खत्म!, पंपों पर लगे 'क्षमा करें, ईंधन उपलब्ध नहीं है' के बोर्ड

Edited By Updated: 17 Oct, 2026 10:35 AM

petrol and diesel run out in bali signs reading sorry no fuel available

इंडोनेशिया के बाली द्वीप पर ईंधन की कमी के बाद पेट्रोल पंपों के बाहर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पर्यटन पर निर्भर इस द्वीप पर पेट्रोल-डीजल खरीदने आए लोगों को 'क्षमा करें, ईंधन उपलब्ध नहीं है' के बोर्ड देखने को मिले।

डेनपासार (इंडोनेशिया) : इंडोनेशिया के बाली द्वीप पर ईंधन की कमी के बाद पेट्रोल पंपों के बाहर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पर्यटन पर निर्भर इस द्वीप पर पेट्रोल-डीजल खरीदने आए लोगों को 'क्षमा करें, ईंधन उपलब्ध नहीं है' के बोर्ड देखने को मिले। पेट्रोल की कमी की समस्या केवल बाली नहीं बल्कि इंडोनेशिया के 11 प्रांतों में है। पश्चिमी सुमात्रा में इंतजार का समय 2 से 3 घंटे तक पहुंच गया और बैंटन में मेराक-तंगेरांग हाईवे पर डीजल के लिए लगी कतारें लगभग एक किलोमीटर लंबी थीं। आचे, रियाउ, पश्चिमी कालीमंतन, दक्षिणी सुलावेसी, उत्तरी सुलावेसी और योग्याकार्ता में डीजल या पर्टालाइट पूरी तरह खत्म हो गए। 

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कमी ईंधन की सप्लाई कम होने या वैश्विक ऊर्जा बाजारों में किसी उथल-पुथल के कारण नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर वितरण (डिस्ट्रीब्यूशन) की समस्याओं की वजह से हुई है। ऊर्जा और खनिज संसाधन मंत्रालय में तेल और गैस विभाग के महानिदेशक, लाओडे सुलेमान ने कहा, 'यह पूरी तरह से वितरण से जुड़ी समस्या है। एक ईंधन टैंकर आने में देरी हो गई थी, लेकिन अब वह पहुंच चुका है और 24 घंटे ईंधन की सप्लाई जारी है।' सुलेमान ने बताया कि बाली आ रहे एक ईंधन टैंकर में अनलोडिंग (ईंधन उतारने) की तैयारी के दौरान तकनीकी खराबी आ गई, जिससे द्वीप के मुख्य ईंधन टर्मिनलों तक सप्लाई पहुंचने में देरी हुई। इसके अलावा समुद्र में तेज लहरों और खराब मौसम के कारण डेनपासार के सांगगरन टर्मिनल और पूर्वी बाली के मांगगिस टर्मिनल तक भी ईंधन की खेप पहुंचने में देरी हुई। 

इंडोनेशिया के तेल और गैस महानिदेशक के अनुसार अब ईंधन की आपूर्ति के लिए होने वाली निविदाओं (टेंडर्स) में बहुत कम लोग हिस्सा ले रहे हैं। इस वजह से सरकार को उन देशों से सीधे ईंधन मंगाना पड़ रहा है, जिनके पास अतिरिक्त स्टॉक है, और इसके लिए उन्हें ज़्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद, इंडोनेशिया के ईंधन आयात के 25% स्रोत खत्म हो गए। 

समस्या तब बढ़ी जब सरकारी सब्सिडी वाले 'पर्टालाइट' (Pertalite) पेट्रोल की भारी मांग देखी गई, जो बिना सब्सिडी वाले ईंधन की तुलना में काफी सस्ता है। ईंधन की कमी की आशंका से घबराए वाहन चालकों ने जरूरत से ज्यादा खरीदारी (पैनिक-बाइंग) शुरू कर दी जिससे कुछ गैस स्टेशनों पर सप्लाई पर और अधिक दबाव पड़ गया। कई गैस स्टेशनों पर कर्मचारियों ने "क्षमा करें, ईंधन उपलब्ध नहीं है" के बोर्ड लगा दिए, जबकि ड्राइवर और मोटरसाइकिल सवार बंद स्टेशनों के बाहर नई सप्लाई आने का इंतजार करते रहे। इस कमी ने द्वीप के निवासियों और कारोबारियों को परेशान कर दिया है, जहां रोजमर्रा की जिंदगी और पर्यटन के लिए परिवहन बहुत महत्वपूर्ण है। अब बाली सरकार सब्सिडी वाले ईंधन की बिक्री को सबसे ज़्यादा आय वाले वर्ग (टॉप इनकम डेसाइल) के लिए सीमित करने की तैयारी कर रही है। 

बाली के गवर्नर आई वायन कोस्टर की हाल ही में एक आई रिपोर्ट के अनुसान स्टोरेज डिपो में ईंधन का स्टॉक पर्याप्त है, लेकिन टैंकरों के देर से पहुंचने और सड़कों पर जाम के कारण गैस स्टेशनों तक ईंधन की डिलीवरी धीमी हो गई है। उन्होंने लोगों से घबराने की अपील की और कहा कि पूरे द्वीप पर अतिरिक्त सप्लाई भेजी जा रही है। सरकारी ऊर्जा कंपनी 'पर्टामिना' ने कहा कि वह सप्लाई पर कड़ी नजर रख रही है। कंपनी के पास एक टैंकर पहुंचा है, जिसमें 18 मिलियन लीटर (4.8 मिलियन गैलन) 'पर्टालाइट' और 2.5 मिलियन लीटर (660,000 गैलन) 'पर्टामैक्स' (जो बिना सब्सिडी वाला, उच्च ऑक्टेन वाला पेट्रोल है) मौजूद है। 

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