Edited By Radhika,Updated: 09 Jan, 2026 04:43 PM

ईरान में आर्थिक बदहाली और गिरती मुद्रा के खिलाफ उबल रही जनता के बीच सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने US को जमकर लताड़ा है। शुक्रवार (9 जनवरी 2026) को सरकारी टेलीविजन पर देश को संबोधित करते हुए खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को...
इंटरनेशनल डेस्क: ईरान में आर्थिक बदहाली और गिरती मुद्रा के खिलाफ उबल रही जनता के बीच सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने US को जमकर लताड़ा है। शुक्रवार (9 जनवरी 2026) को सरकारी टेलीविजन पर देश को संबोधित करते हुए खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ा जवाब दिया। उन्होंने ट्रंप को याद दिलाया कि घमंड के शिखर पर बैठे फिरौन, निमरूद और रजा शाह जैसे तानाशाहों का जो हश्र हुआ, वही ट्रंप का भी होगा।

'ट्रंप के हाथ ईरानियों के खून से रंगे हैं'
खामेनेई ने जून 2025 में हुए इजरायल-अमेरिकी हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि उस 12 दिनों के युद्ध में 1,000 से ज्यादा ईरानी शहीद हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप ने खुद इन हमलों के आदेश दिए थे, जिससे साबित होता है कि उनके हाथ बेगुनाहों के खून से रंगे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "अगर ट्रंप को देश चलाना आता, तो वे अपना देश संभालते, यहाँ दखल नहीं दे रहे होते।"

भाड़े के लोगों के आगे नहीं झुकेगा ईरान
खामेनेई ने सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों को 'विदेशी शक्तियों के एजेंट' और 'भाड़े के लोग' करार दिया। उन्होंने कहा कि यह इस्लामिक रिपब्लिक लाखों सम्मानित लोगों के बलिदान से बनी है और यह कुछ उपद्रवियों के सामने पीछे नहीं हटेगी।
ब्लैकआउट और प्रिंस रजा पहलवी का आह्वान
ईरान के सभी 31 प्रांतों में विरोध की आग फैल चुकी है। निर्वासित प्रिंस रजा पहलवी के समर्थन के बाद आंदोलन और तेज हो गया है। स्थिति को बिगड़ते देख सरकार ने पूरे देश में इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय टेलीफोन सेवाएं बंद कर दी हैं। चीफ जस्टिस गुलाम-हुसैन मोहसिनी-एजेई ने भी स्पष्ट कर दिया है कि दंगाइयों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।