Edited By Tanuja,Updated: 07 Jan, 2026 01:14 PM

अमेरिका ने वेनेजुएला पर नया दबाव बनाते हुए उसे चीन, रूस, ईरान और क्यूबा से संबंध तोड़ने को कहा है। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बढ़े तनाव के बीच ट्रंप प्रशासन तेल उत्पादन और बिक्री को अमेरिका से विशेष रूप से जोड़ना चाहता है।
International Desk: ताइवान और चीन के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय (MND) ने बुधवार सुबह बताया कि उसने अपने आसपास के इलाकों में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के 11 सैन्य विमानों, छह नौसैनिक जहाजों और एक आधिकारिक चीनी पोत की गतिविधियों का पता लगाया है। ताइवान के MND के अनुसार, सुबह 6 बजे (स्थानीय समय) तक दर्ज की गई इन गतिविधियों में से 11 में से 9 चीनी सैन्य विमानों ने ताइवान और चीन के बीच मानी जाने वाली मध्य रेखा को पार किया और ताइवान के उत्तरी तथा दक्षिण-पश्चिमी वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) में प्रवेश किया।
रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और ताइवान की सेनाओं ने आवश्यक जवाबी कदम उठाए हैं। इससे एक दिन पहले मंगलवार को भी ताइवान ने आठ चीनी सैन्य विमानों और सात चीनी नौसैनिक जहाजों की मौजूदगी दर्ज की थी। उस दौरान दो विमानों ने मध्य रेखा पार कर ताइवान के दक्षिण-पश्चिमी और पूर्वी ADIZ में प्रवेश किया था। इस बीच, अमेरिका आधारित थिंक टैंक ‘जर्मन मार्शल फंड’ की एक रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि चीन ताइवान पर पूर्ण पैमाने पर उभयचर हमला करता है, तो उसे 1 लाख तक सैन्य हताहतों का सामना करना पड़ सकता है और अंततः पीछे हटना पड़ सकता है।
हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन ताइवान के अपतटीय किनमेन और मात्सु द्वीपों पर कब्जा कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, यदि संघर्ष होता है तो चीन की सेना को ताइवान जलडमरूमध्य में अमेरिकी और ताइवानी हमलों के कारण भारी लॉजिस्टिक नुकसान उठाना पड़ेगा, जिससे उसका अभियान कमजोर हो सकता है।विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही इन सैन्य गतिविधियों से एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है और चीन-ताइवान संघर्ष का खतरा और गहराता जा रहा है।