Edited By Pardeep,Updated: 14 Jan, 2026 12:16 AM

यूक्रेन के साथ युद्ध के बीच रूस पर एक और संकट आ गया है। मंगलवार 13 जनवरी 2026 को रूस के कुरील द्वीप समूह में तेज भूकंप आया, जिससे पूरे इलाके में लोग दहशत में आ गए। अमेरिका की भूवैज्ञानिक एजेंसी USGS के अनुसार, यह भूकंप
शाम 6:34 बजे (स्थानीय समय)...
इंटरनेशनल डेस्कः यूक्रेन के साथ युद्ध के बीच रूस पर एक और संकट आ गया है। मंगलवार 13 जनवरी 2026 को रूस के कुरील द्वीप समूह में तेज भूकंप आया, जिससे पूरे इलाके में लोग दहशत में आ गए। अमेरिका की भूवैज्ञानिक एजेंसी USGS के अनुसार, यह भूकंप
शाम 6:34 बजे (स्थानीय समय) आया और इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.3 मापी गई।
भूकंप कहां आया?
USGS के मुताबिक भूकंप का केंद्र 44.6 डिग्री उत्तर अक्षांश 149.1 डिग्री पूर्व देशांतर पर था, जो जापान के असाहिकावा शहर से लगभग 545 किलोमीटर पूर्व स्थित है। भूकंप की गहराई धरती से करीब 45 किलोमीटर नीचे रिकॉर्ड की गई।
क्या सुनामी का खतरा है?
USGS ने साफ किया है कि इस भूकंप से सुनामी का कोई खतरा नहीं है। एजेंसी ने ग्रीन अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि जानमाल के बड़े नुकसान की संभावना कम है। भारी तबाही की आशंका नहीं है
कुरील द्वीप क्यों है इतना संवेदनशील?
कुरील द्वीप समूह रूस और जापान के बीच स्थित है और यह इलाका भूकंपीय रूप से बहुत सक्रिय क्षेत्र माना जाता है। यहां टेक्टोनिक प्लेटों की टक्कर के कारण अक्सर भूकंप आते रहते हैं। यह इलाका दुनिया के मशहूर “रिंग ऑफ फायर” का हिस्सा है जहां भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट सामान्य बात मानी जाती है।
यहां कितने लोग रहते हैं?
USGS के मुताबिक कुरील द्वीप समूह की आबादी करीब 2,000 लोग है। अधिकतर लोग ऐसे घरों में रहते हैं जो मध्यम स्तर के भूकंप झेल सकते हैं। सबसे ज्यादा जोखिम उन घरों में होता है जिनमें बिना मजबूत ईंटों और कमजोर कंक्रीट फ्रेम का इस्तेमाल हुआ है। फिलहाल किसी की मौत या बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है।
पिछले साल आया था महाभूकंप
इस इलाके में भूकंप का इतिहास बहुत डरावना रहा है। 30 जुलाई 2025 को कुरील द्वीप क्षेत्र में 8.7 तीव्रता का बेहद शक्तिशाली भूकंप आया था। यह दुनिया के अब तक के छठे सबसे शक्तिशाली भूकंपों में गिना जाता है। हालांकि तब भी रूस में किसी की मौत नहीं हुई थी, लेकिन उसके बाद से इस क्षेत्र में 4.4 या उससे अधिक तीव्रता के 100 से ज्यादा झटके दर्ज किए गए थे।
भूकंप का केंद्र – धरती के सबसे खतरनाक जोन में
कुरील द्वीप और रूस का कमचटका प्रायद्वीप दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप और ज्वालामुखी वाले इलाकों में गिने जाते हैं। इतिहास में साल 1952 में कमचटका में 9.0 तीव्रता का भूकंप आया था जो दुनिया के सबसे खतरनाक भूकंपों में से एक था।