Edited By Tanuja,Updated: 14 Jan, 2026 12:22 PM

ट्रंप प्रशासन ने ईरान में संभावित कार्रवाई को लेकर यूरोपीय सहयोगियों से खुफिया जानकारी साझा करने को कहा है। अधिकारियों के मुताबिक परमाणु ठिकानों के बजाय प्रदर्शनकारियों की हत्या के लिए जिम्मेदार ईरानी नेतृत्व और सुरक्षा संगठनों को निशाना बनाया जा...
International Desk: ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों और सैकड़ों लोगों की मौत के बीच अमेरिका ने अपने रुख को और सख्त करते हुए यूरोपीय सहयोगी देशों से खुफिया जानकारी साझा करने का अनुरोध किया है। ट्रंप प्रशासन ने सोमवार को यूरोपीय देशों से कहा कि वे ईरान के संभावित लक्ष्यों से जुड़ी खुफिया सूचनाएं अमेरिका के साथ साझा करें। दो यूरोपीय अधिकारियों ने इस अनुरोध की पुष्टि की है। इनमें से एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किए जाने की संभावना बेहद कम है। इसके बजाय, अमेरिका का फोकस उन ईरानी संगठनों, सुरक्षा बलों और नेतृत्व पर है, जिन्हें प्रदर्शनकारियों की हत्या और हिंसक कार्रवाई के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है।
अधिकारी के मुताबिक, अमेरिकी और उसके सहयोगी देशों के बीच संभावित लक्ष्यों की टारगेट लिस्ट तैयार की जा रही है, जिसमें ऐसे व्यक्ति और संस्थाएं शामिल हो सकती हैं जो सीधे तौर पर दमनात्मक कार्रवाई में शामिल रहे हैं। यह कदम ईरान पर राजनीतिक और सैन्य दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।सूत्रों का कहना है कि यह खुफिया साझेदारी किसी भी संभावित सैन्य या सीमित कार्रवाई की जमीन तैयार कर सकती है, हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी हमले की घोषणा नहीं की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका इस समय ईरान पर सीधा युद्ध नहीं, बल्कि सटीक और सीमित दबाव बनाना चाहता है। ईरान में जारी प्रदर्शनों, इंटरनेट बंदी और बढ़ती मौतों के बीच यह घटनाक्रम पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है, जिस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।