Edited By Tanuja,Updated: 01 Sep, 2026 01:30 PM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Apple से अपने मैप ऐप पर 'Lake Ontario' का नाम बदलकर 'Lake America' करने को कहा है। गृह मंत्री डग बर्गम के अनुसार ट्रंप ने Apple से सीधे संपर्क किया। Google Maps अमेरिका में नया नाम दिखाना शुरू कर चुका है। यह फैसला...
Washington: अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच अब लेक ओंटारियो के नाम को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टेक कंपनी Apple से उसके मैप ऐप पर लंबे समय से 'Lake Ontario' के नाम से पहचानी जाने वाली झील को 'Lake America' के नाम से दिखाने को कहा है। अमेरिका के गृह मंत्री डग बर्गम ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ट्रंप ने इस मामले में Apple से सीधे संपर्क किया है और उम्मीद जताई कि जल्द ही कंपनी के प्लेटफॉर्म पर नया नाम दिखाई दे सकता है।
ट्रंप ने Apple से सीधे संपर्क किया
गृह मंत्री डग बर्गम ने फॉक्स के कार्यक्रम 'मॉर्निंग्स विद मारिया' में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने Apple से सीधे संपर्क किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि Apple Maps पर जल्द ही 'Lake America' नाम दिखाई दे सकता है। हालांकि, Apple की ओर से इस मामले पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। ट्रंप ने पिछले सप्ताह इस झील का नाम 'Lake America' करने का फैसला घोषित किया था। इसके बाद शुक्रवार को उन्होंने एक कार्यकारी आदेश जारी कर अमेरिकी गृह मंत्रालय को अमेरिकी भौगोलिक नामकरण प्रणाली में झील का नाम बदलने का निर्देश दिया। इस फैसले के बाद अमेरिकी मैपिंग प्लेटफॉर्म पर भी पुराने नाम की जगह नए नाम के इस्तेमाल का रास्ता खुल गया। Apple से मांग करने से पहले ही Google Maps ने अमेरिका में अपने उपयोगकर्ताओं के लिए इस झील का नया नाम दिखाना शुरू कर दिया था। Google ने इसके लिए ट्रंप के हालिया आदेश और अमेरिकी भौगोलिक नाम सूचना प्रणाली (GNIS) में दर्ज नामों को आधार बताया। कंपनी की पहले से तय नीति के अनुसार, वह अमेरिकी उपयोगकर्ताओं के लिए आधिकारिक अमेरिकी भौगोलिक नामकरण के अनुरूप नाम प्रदर्शित करती है।
कनाडा के लिए क्यों संवेदनशील है यह फैसला?
लेक ओंटारियो अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य और कनाडा के ओंटारियो प्रांत के बीच स्थित है। यह झील लंबे समय से 'Lake Ontario' के नाम से जानी जाती है। ऐसे में अमेरिका की ओर से इसका नाम बदलने का फैसला सिर्फ अमेरिकी प्रशासन का आंतरिक मामला नहीं रह जाता, बल्कि कनाडा के साथ इसका सीधा राजनीतिक और कूटनीतिक पहलू भी जुड़ जाता है। यह पूरा विवाद ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ा हुआ है। दोनों देशों के बीच शुल्क और व्यापार नीतियों को लेकर टकराव चल रहा है। इसी वजह से ट्रंप का झील का नाम बदलने का फैसला कनाडा के खिलाफ एक और उकसाने वाला कदम माना जा रहा है। अब Google के बाद Apple Maps पर भी 'Lake America' नाम दिखाई देता है या नहीं, इस पर नजर बनी हुई है।