Edited By Tanuja,Updated: 28 Feb, 2026 06:12 PM

अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जनता से नेतृत्व के खिलाफ उठ खड़े होने की अपील की। ईरान ने जवाब में इजराइल और खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल-ड्रोन हमले किए। क्षेत्र में हवाई...
International Desk: अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को ईरान के खिलाफ व्यापक सैन्य अभियान शुरू कर दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने वीडियो संदेश जारी कर ईरानी जनता से 1979 से सत्ता में बैठे इस्लामी नेतृत्व के खिलाफ खड़े होने की अपील की। उन्होंने कहा, “जब हम अपना काम पूरा कर लेंगे, तो अपनी सरकार पर कब्ज़ा कर लेना। आने वाली कई पीढ़ियों में यह तुम्हारे पास शायद एकमात्र मौका होगा।” इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने भी इस अभियान को ईरानी जनता के भविष्य से जोड़ा और कहा कि यह कार्रवाई उन्हें “अपना भाग्य खुद तय करने” का अवसर देगी।
खामेनेई के परिसर के पास पहला धमाका
हमले की शुरुआत कथित तौर पर ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के कार्यालयों के आसपास के इलाकों से हुई। राजधानी तेहरान के कई हिस्सों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं और धुएं के गुबार देखे गए। खामेनेई के केंद्रीय परिसर की ओर जाने वाली सड़कों को तुरंत बंद कर दिया गया। सरकारी टीवी ने विस्फोट की पुष्टि की, लेकिन कारण स्पष्ट नहीं किया।
ईरान का जोरदार पलटवार
- हमलों के तुरंत बाद ईरान ने इजराइल पर मिसाइलों और ड्रोन दागे।
- बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को निशाना बनाया ।
- कुवैत और कतर में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए।
- संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी में गिरे मिसाइल के छर्रे से एक व्यक्ति की मौत हुई।
- ईरान के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर कहा: “अब मातृभूमि की रक्षा का समय है, हम जरा भी हिचकिचाएंगे नहीं।”
स्कूल पर हमला, 40 छात्राओं की मौत
ईरानी सरकारी एजेंसी IRNA के अनुसार, होर्मोज़गान प्रांत के मीनाब शहर में हुए हवाई हमले में एक बालिका विद्यालय की 40 छात्राओं की मौत हो गई। यह इन हमलों में ईरान की ओर से पहला आधिकारिक मृतकों का आंकड़ा है। यह इलाका ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के एक अड्डे के पास स्थित है।
खाड़ी देशों में हड़कंप
स्थिति बिगड़ने के बाद संयुक्त अरब अमीरात और इराक ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया।जॉर्डन में सायरन बजने लगे। कतर, UAE और इजराइल में अमेरिकी दूतावासों ने कर्मचारियों को घरों में रहने के निर्देश दिए। इस बीच, यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने भी समुद्री मार्गों और इजराइल पर हमले फिर से शुरू करने का संकेत दिया है।
परमाणु कार्यक्रम बना टकराव की जड़
राष्ट्रपति ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा कि ईरान लगातार अपना परमाणु कार्यक्रम विकसित कर रहा है और ऐसी मिसाइलें बना रहा है जो अमेरिका तक पहुंच सकती हैं। उन्होंने यह भी माना कि इस संघर्ष में अमेरिकी हताहत हो सकते हैं।ट्रंप ने कहा-“युद्ध में अक्सर ऐसा होता है” ।
नया युद्ध अध्याय
यह आठ महीनों के भीतर दूसरी बार है जब ट्रंप प्रशासन ने इस्लामी गणराज्य के खिलाफ सैन्य बल का इस्तेमाल किया है। विश्लेषकों के अनुसार, यह हमला मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन को पूरी तरह बदल सकता है और व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का खतरा पैदा कर सकता है। हालात बेहद तनावपूर्ण हैं और पूरी दुनिया की निगाहें अब तेहरान, वाशिंगटन और तेल अवीव पर टिकी हैं।