अमेरिका ने चीन की 3 जीनोमिक्स कंपनियों पर लगाया आयात प्रतिबंध

Edited By Updated: 30 Oct, 2026 06:02 PM

us imposes import restrictions on 3 chinese genomics companies

अमेरिका ने चीन की तीन प्रमुख जीनोमिक्स कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनके उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिकी सरकार ने इन कंपनियों पर चीन के शिनजियांग क्षेत्र में उइगर और अन्य जातीय अल्पसंख्यकों से जबरन श्रम कराने में मदद...

नेशनल डेस्क : अमेरिका ने चीन की तीन प्रमुख जीनोमिक्स कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनके उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिकी सरकार ने इन कंपनियों पर चीन के शिनजियांग क्षेत्र में उइगर और अन्य जातीय अल्पसंख्यकों से जबरन श्रम कराने में मदद करने का आरोप लगाया है।

अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के अनुसार, BGI जीनोमिक्स कंपनी लिमिटेड, MGI टेक कंपनी लिमिटेड और शेन्ज़ेन BGI टेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड को 'उइगर फोर्स्ड लेबर प्रिवेंशन एक्ट' (UFLPA) के तहत प्रतिबंधित संस्थाओं की सूची में शामिल किया गया है। इन तीनों कंपनियों को अमेरिका में सामूहिक रूप से BGI ग्रुप के नाम से जाना जाता है।

इस सूची में उन कंपनियों और संस्थाओं को शामिल किया जाता है, जिन पर शिनजियांग में उइगर और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों से जबरन श्रम कराने, इसमें सहायता देने या क्षेत्र से जबरन श्रम के जरिए तैयार उत्पादों का आयात करने का आरोप होता है।

अमेरिकी सीमा शुल्क विभाग को आयात रोकने के निर्देश

अमेरिकी सरकार ने सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा विभाग (CBP) को निर्देश दिया है कि वह इन कंपनियों के उत्पादों को अमेरिका में प्रवेश करने से रोके। यह प्रतिबंध तब तक प्रभावी रहेगा, जब तक संबंधित निर्यातक यह साबित नहीं कर देते कि उनके उत्पादों के निर्माण में जबरन श्रम का इस्तेमाल नहीं किया गया है।

होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के मुताबिक, BGI ग्रुप और BGI जीनोमिक्स शिनजियांग में आनुवंशिक परीक्षण (जेनेटिक टेस्टिंग) से जुड़ी गतिविधियां संचालित करते हैं। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि ये कंपनियां चीनी सरकार के साथ मिलकर जबरन श्रम के लिए लोगों की भर्ती करने, उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजने और रोजगार उपलब्ध कराने में सहायता करती हैं।

विभाग ने MGI टेक पर भी आरोप लगाया है कि वह चीनी सरकार को आनुवंशिक परीक्षण के लिए जरूरी उपकरण और अन्य तकनीकी सहायता उपलब्ध कराती है। अमेरिकी सरकार का यह भी दावा है कि BGI ग्रुप शिनजियांग के निवासियों के अलावा क्षेत्र में मौजूद पौधों और जानवरों की आनुवंशिक सामग्री का भी परीक्षण करता है।

शिनजियांग में मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर पुराना विवाद

शिनजियांग में उइगर मुस्लिम समुदाय और अन्य जातीय एवं धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ कथित मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। अमेरिका और कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने चीनी अधिकारियों पर इस क्षेत्र में हिरासत शिविर (इंटरनमेंट कैंप) संचालित करने और अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों से जबरन श्रम कराने के आरोप लगाए हैं। इन शिविरों में लोगों के साथ अन्य प्रकार के दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप भी लगते रहे हैं। हालांकि, चीन की सरकार इन आरोपों को लगातार खारिज करती रही है। वाशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने भी अमेरिकी सरकार के हालिया आरोपों को निराधार बताया है।

कंपनियों ने आरोपों को किया खारिज

अमेरिकी प्रतिबंधों पर प्रतिक्रिया देते हुए शेन्ज़ेन स्थित MGI टेक ने सभी आरोपों को तथ्यहीन बताया है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी तरह के जबरन श्रम को बर्दाश्त नहीं करती और उसके कारोबारी संचालन में ऐसी गतिविधियों की कोई जगह नहीं है। कंपनी ने अपने बयान में कहा, "हम किसी भी रूप में जबरन श्रम को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करते हैं।" MGI टेक ने यह भी कहा कि अमेरिकी बाजार में उसका कारोबार कुल वैश्विक कारोबार का बेहद छोटा हिस्सा है।

वहीं, BGI ग्रुप ने भी अमेरिकी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कंपनी जबरन श्रम से जुड़ी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं रही है। समूह के मुताबिक, अमेरिका में उसका कारोबार कुल व्यापार का बहुत सीमित हिस्सा है और नए प्रतिबंधों से उसके समग्र परिचालन पर कोई बड़ा प्रभाव पड़ने की आशंका नहीं है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!