Edited By Tanuja,Updated: 03 Jan, 2026 03:14 PM

वेनेजुएला ने अमेरिका द्वारा सैन्य हमले की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने पूरे देश में आपातकाल घोषित किया। शुरुआती हमले में माराकाय स्थित एल लिबर्टाडोर एयर बेस को निशाना बनाया गया। हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय...
International Desk: वेनेजुएला सरकार ने शनिवार को आधिकारिक रूप से पुष्टि की कि अमेरिका ने देश के भीतर सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने राष्ट्र के नाम संबोधन में पूरे देश में राष्ट्रीय आपातकाल (Emergency) घोषित कर दिया। मादुरो ने कहा कि यह कार्रवाई वेनेजुएला की संप्रभुता, स्वतंत्रता और लोकतंत्र पर सीधा हमला है। उन्होंने सशस्त्र बलों को पूर्ण सतर्कता में रहने और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मादुरो का राष्ट्र के नाम संदेश
राष्ट्रपति मादुरो ने कहा “वेनेजुएला शांति चाहता है, लेकिन अगर हम पर हमला होगा तो हम अपनी मातृभूमि की रक्षा करेंगे। सेना और जनता एकजुट हैं।” उन्होंने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव बढ़ता है तो आगे वायु रक्षा प्रणालियां, रडार स्टेशन और सैन्य लॉजिस्टिक केंद्र भी निशाने पर आ सकते हैं, ताकि क्षेत्र में पूर्ण हवाई वर्चस्व स्थापित किया जा सके।इस घटनाक्रम से लैटिन अमेरिका, संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक शक्तियों में गहरी चिंता है। आने वाले घंटे और दिन तय करेंगे कि यह टकराव सीमित रहेगा या बड़े युद्ध की ओर बढ़ेगा।
इमरजेंसी के तहत बड़े फैसले
- पूरे देश में आपातकाल लागू
- सेना और सुरक्षा एजेंसियों को विशेष अधिकार
- सभी प्रमुख सैन्य ठिकानों पर हाई अलर्ट
- हवाई क्षेत्र और सीमाओं की कड़ी निगरानी
पहला निशाना: एल लिबर्टाडोर एयर बेस
नई जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी हमले में सबसे पहले माराकाय स्थित ‘एल लिबर्टाडोर एयर बेस’ को निशाना बनाया गया। यह एयर बेस वेनेजुएला की बोलिवेरियन मिलिट्री एविएशन का मुख्यालय माना जाता है।
क्यों अहम है यह एयर बेस?लड़ाकू विमानों और ड्रोन यूनिट्स का मुख्य केंद्र
- ईरान निर्मित मोहाजेर-6 ड्रोन की तैनाती की रिपोर्ट
- सैन्य प्रशिक्षण, रणनीतिक योजना और कमांड-कंट्रोल सिस्टम का केंद्र
- रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, शुरुआती हमले का उद्देश्य वेनेजुएला की हवाई शक्ति को निष्क्रिय करना और जवाबी कार्रवाई की क्षमता को कमजोर करना है।
- रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हमले में ड्रोन यूनिट्स फाइटर जेट इंफ्रास्ट्रक्चर कमांड सेंटर को भारी नुकसान पहुंचा है।
- हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।