ईरान-इज़राइल युद्ध से अब गुजरात में हड़कंप... 100 फैक्ट्रियों में काम बंद, 400 पर और खतरा!

Edited By Updated: 06 Mar, 2026 09:12 PM

100 ceramic factories shut down in gujarat s morbi due to gas crisis

मिडिल ईस्ट में जारी ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब भारत के औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंचने लगा है। गुजरात के मोरबी में ईंधन की कमी के कारण सिरेमिक उद्योग को बड़ा झटका लगा है। जानकारी के मुताबिक गैस सप्लाई बाधित होने से करीब 100...

नेशनल डेस्क : मिडिल ईस्ट में जारी ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब भारत के औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंचने लगा है। गुजरात के मोरबी में ईंधन की कमी के कारण सिरेमिक उद्योग को बड़ा झटका लगा है। जानकारी के मुताबिक गैस सप्लाई बाधित होने से करीब 100 फैक्ट्रियों को अपना उत्पादन अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। मोरबी टाइल्स और घड़ियों के उत्पादन के लिए देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में जाना जाता है और इसे सिरेमिक निर्माण का प्रमुख वैश्विक केंद्र माना जाता है।

गैस की कमी से उत्पादन पर लगा ब्रेक

उद्योग से जुड़े संगठनों का कहना है कि युद्ध जैसे हालातों के कारण प्रोपेन गैस की आपूर्ति पिछले कुछ दिनों से बाधित है। मोरबी सिरेमिक मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अनुसार कई फैक्ट्रियां पूरी तरह गैस पर निर्भर हैं, इसलिए सप्लाई रुकते ही उत्पादन ठप हो गया। फिलहाल जिन इकाइयों को गुजरात गैस के माध्यम से ईंधन मिल रहा है, वहां काम जारी है, लेकिन कुल उपलब्धता लगभग आधी रह गई है।

सैकड़ों यूनिट्स पर मंडरा रहा बंद होने का खतरा

उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि गैस सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में करीब 400 और फैक्ट्रियां भी बंद हो सकती हैं। मोरबी में सैकड़ों यूनिट्स टाइल्स और अन्य सिरेमिक उत्पाद बनाती हैं, जिनका निर्यात दुनिया के कई देशों में होता है। गैस संकट लंबे समय तक जारी रहने पर पूरे क्लस्टर की उत्पादन क्षमता पर गंभीर असर पड़ सकता है।

निर्यात और रोजगार पर भी असर

ईंधन संकट का सीधा असर निर्यात कारोबार पर भी दिखने लगा है। तैयार माल गोदामों में जमा हो रहा है और कई शिपमेंट फिलहाल अटके हुए हैं। कुछ नए निर्यात ऑर्डर भी फिलहाल रोक दिए गए हैं। इससे उद्योग की भुगतान व्यवस्था और वित्तीय चक्र प्रभावित हो सकता है। वहीं उत्पादन बंद होने से हजारों मजदूरों की रोजी-रोटी पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। उद्योग संगठनों ने राज्य सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

लंबा खिंचा संघर्ष तो बढ़ेगा संकट

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष लंबा चलता है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गैस और ईंधन की सप्लाई प्रभावित होती है, तो मोरबी का सिरेमिक उद्योग बड़े संकट में फंस सकता है। यह क्षेत्र देश के सबसे बड़े औद्योगिक क्लस्टरों में से एक है, इसलिए यहां की स्थिति का असर राष्ट्रीय निर्यात और रोजगार पर भी पड़ सकता है।

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