सिक्किम में भूस्खलन से 3 लोगों की मौत, 6 सुरक्षाकर्मी लापता; तलाशी अभियान जारी

Edited By Updated: 02 Jun, 2025 01:43 PM

3 people died 6 security personnel missing in sikkim landslide

उत्तर-पूर्वी भारत के पहाड़ी राज्य सिक्किम में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला है। रविवार शाम उत्तरी सिक्किम के चट्टानी इलाके में भूस्खलन हुआ, जिसमें अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि सेना के छह जवान अब भी लापता हैं।

नेशलन डेस्क: उत्तर-पूर्वी भारत के पहाड़ी राज्य सिक्किम में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला है। रविवार शाम उत्तरी सिक्किम के चट्टानी इलाके में भूस्खलन हुआ, जिसमें अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि सेना के छह जवान अब भी लापता हैं। लगातार बारिश के कारण यह भूस्खलन हुआ, जिससे इलाके में तबाही मच गई है। आस-पास के मकानों को नुकसान हुआ है और पुल भी ढह गए हैं। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है। सेना के अनुसार, लापता जवानों की तलाश में तलाशी अभियान युद्धस्तर पर जारी है। मंगन जिले के पुलिस अधीक्षक देचू भूटिया ने बताया कि कुछ मोबाइल फोन और पहचान पत्र बरामद किए गए हैं जिन्हें पुलिस स्टेशन में जमा किया गया है, लेकिन लापता जवानों और पर्यटकों का अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। एक शव भी नजर आया, लेकिन वह इतनी कठिन जगह पर फंसा है कि न तो ड्रोन के जरिए और न ही लाइफबोट से उस तक पहुंचा जा सकता है।

लाचुंग और लाचेन में फंसे हैं 1000 से ज्यादा पर्यटक

भूस्खलन और पुल ढहने से लाचुंग और लाचेन क्षेत्रों में करीब 1000 से अधिक पर्यटक फंसे हुए हैं। लगातार बारिश से तीस्ता नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है, जिससे हालात और भी मुश्किल हो गए हैं। लाचुंग होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष ग्यात्सो लाचुंगपा इस बचाव कार्य का नेतृत्व कर रहे हैं। पुलिस, वन विभाग और स्थानीय निवासियों की मदद से फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है।

स्थानीय लोग बने देवदूत, बच्चों और महिलाओं को निकालने में जुटे

लाचुंगपा समुदाय और होटल मालिकों ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली है। न सिर्फ उन्होंने भोजन और रसद का इंतजाम किया, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों को कठिन पहाड़ी रास्तों से निकालने में भी मदद की। यह समन्वित प्रयास दिखाता है कि संकट की घड़ी में सरकार, सुरक्षा बल और आम लोग कैसे एक साथ मिलकर जान बचाने के लिए काम कर सकते हैं।

निकासी अभियान को भी भूस्खलन ने रोका

शुक्रवार को मंगन जिले के शिपगेयर में भी भूस्खलन हुआ था, जिससे ऊपरी डोजोंगू क्षेत्र से निकासी कार्य रुक गया था। अब सोमवार से फिर से निकासी की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। इस बीच, फिडांग पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने से जोंगू निर्वाचन क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही पर रोक लग गई थी। हालांकि, जीआरईएफ (सड़क निर्माण बल) ने तेजी से काम करते हुए पुल की मरम्मत कर दी है जिससे अब पैदल यात्रियों और आपातकालीन सेवाओं को रास्ता मिल सका है।

आईएमडी ने चेताया: भारी से अत्यधिक भारी वर्षा का खतरा

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि बांग्लादेश के ऊपर बना दबाव क्षेत्र अब उत्तर-उत्तर-पूर्व दिशा में बढ़ रहा है और आने वाले 12 घंटों में यह एक कमजोर निम्न दबाव क्षेत्र में बदल सकता है। हालांकि, इसके बावजूद सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश जारी रह सकती है। आईएमडी का पूर्वानुमान कहता है कि 5 जून तक इन क्षेत्रों में बारिश होती रहेगी, जबकि तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा।

 

 

 

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