Edited By Rohini Oberoi,Updated: 06 Aug, 2026 01:29 PM

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले से बुनियादी ढांचे में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की पोल खोलती एक गंभीर खबर सामने आई है। बांडिया नदी पर बना 'कोठी-कोरनार' पुल अपने उद्घाटन के मात्र तीन साल के भीतर ही ढह गया। अधिकारियों ने गुरुवार को जानकारी देते हुए...
गढ़चिरौली : महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले से बुनियादी ढांचे में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की पोल खोलती एक गंभीर खबर सामने आई है। बांडिया नदी पर बना 'कोठी-कोरनार' पुल अपने उद्घाटन के मात्र तीन साल के भीतर ही ढह गया। अधिकारियों ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि 31 जुलाई को पुल का बीच का हिस्सा अचानक नदी में समा गया जिससे महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित कई ग्रामीण इलाकों का संपर्क पूरी तरह से टूट गया है।
बांडिया नदी पर बने कोठी-कोरनार पुल का उद्घाटन 15 अगस्त, 2023 को तत्कालीन उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया था, जो गढ़चिरौली जिले के प्रभारी मंत्री भी थे। उन्होंने बताया कि 105 मीटर लंबे और 7.5 मीटर चौड़े रास्ते वाले इस पुल का बीच का हिस्सा 31 जुलाई को ढह गया जिससे महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित कई गांवों का संपर्क टूट गया।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार और NCP (SP) के रोहित पवार समेत कई नेताओं ने इस घटना पर चिंता जताई है और पुल के निर्माण में शामिल PWD अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जिला कलेक्टर अविशांत पांडा ने इतने कम समय में पुल के गिरने की घटना को गंभीर मामला बताया। कलेक्टर ने कहा, PWD के सुपरिटेंडिंग इंजीनियर को इस मामले की तुरंत तकनीकी जांच करने का निर्देश दिया गया है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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अधिकारियों ने बताया कि 30 जुलाई से 31 जुलाई के बीच इस इलाके में 200-210 मिमी बारिश हुई जिससे बांडिया नदी में बाढ़ आ गई। उन्होंने बताया कि बाढ़ के चरम पर होने के दौरान पानी पुल के डेक से 2 से 2.5 मीटर ऊपर बह रहा था।