3500 पुलिसकर्मी, 200 CCTV कैमरे, 14 सुरक्षा जोन : रामलीला मैदान रैली के लिए दिल्ली पुलिस ने कसी कमर

Edited By Updated: 31 Oct, 2026 03:06 PM

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कांग्रेस के नेतृत्व वाले 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की 1 नवंबर को होने वाली मेगा रैली के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान में सुरक्षा और निगरानी की व्यापक व्यवस्था की है। रैली में भारी भीड़ जुटने और राजनीतिक नेताओं व समर्थकों की बड़ी संख्या में...

नई दिल्ली : कांग्रेस के नेतृत्व वाले 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की 1 नवंबर को होने वाली मेगा रैली के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान में सुरक्षा और निगरानी की व्यापक व्यवस्था की है। रैली में भारी भीड़ जुटने और राजनीतिक नेताओं व समर्थकों की बड़ी संख्या में आवाजाही की संभावना को देखते हुए यह इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगभग 3,500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, 200 से अधिक CCTV कैमरों से निगरानी रखी जाएगी और भीड़ को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने के लिए पूरे इलाके को 14 सुरक्षा जोन में बांटा गया है। 

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने रैली के आयोजकों, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे, ट्रैफिक सुचारू रूप से चले और विपक्ष की यह रैली बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके। 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं के कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास से खुली बसों में मिंटो रोड तक आने और वहां से रामलीला मैदान की ओर जाने की उम्मीद है। वहीं, सांसद कॉन्स्टिट्यूशन क्लब से खुली बसों में मिंटो ब्रिज तक आएंगे, जहां से वे पैदल चलकर रैली स्थल तक पहुंचेंगे। 

विपक्ष की यह रैली राष्ट्रीय राजधानी में 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) को लेकर चल रहे राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा है। गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। सुरक्षा इंतजामों की जानकारी देते हुए सेंट्रल रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि रैली स्थल के सभी 14 जोन की निगरानी सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) रैंक के अधिकारी करेंगे। इनमें से दो जोन की निगरानी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ADCP) रैंक के अधिकारी करेंगे। पुलिस की तैनाती के अलावा इस कार्यक्रम के लिए रिजर्व फोर्स की 10 कंपनियों को भी तैनात किए जाने की उम्मीद है। 

इस सुरक्षा घेरे में CCTV निगरानी, ​​पुलिसकर्मियों द्वारा पहने जाने वाले 'बॉडी-वर्न' कैमरे और निगरानी उपकरणों से लैस वाहन शामिल होंगे। इसके अलावा रैली स्थल और आसपास के इलाकों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम भी बनाए जा रहे हैं। विपक्ष के नेताओं का दावा है कि इस रैली में 10 लाख से ज्यादा लोग शामिल हो सकते हैं। राजनीतिक नेताओं और समर्थकों को लाने वाली हजारों बसों और निजी गाड़ियों की आवाजाही से मध्य दिल्ली के ट्रैफिक पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना है। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को इस कार्यक्रम के लिए 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) जारी कर दिया। 

1 नवंबर का ट्रैफिक रूट 

इस बीच दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने घोषणा की है कि 1 नवंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक पाबंदियां और डायवर्जन लागू रहेंगे। ट्रैफिक की स्थिति को देखते हुए मध्य दिल्ली के कई अहम चौराहों और जगहों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जा सकता है। इनमें नेताजी सुभाष मार्ग टी-पॉइंट, राजघाट, दिल्ली गेट, आईटीओ ए-पॉइंट, अजमेरी गेट रेड लाइट, रणजीत सिंह फ्लाईओवर, झंडेवालान गोलचक्कर, तुर्कमान गेट और मीरदर्द चौक शामिल हैं। 

यह सुरक्षा समीक्षा 24 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस मुख्यालय में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक के कुछ दिनों बाद की गई है। लगभग चार घंटे चली इस बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी की कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया से जुड़े विरोध प्रदर्शनों पर भी चर्चा हुई। 1 नवंबर को होने वाली रैली राजधानी में होने वाले प्रमुख कार्यक्रमों में से एक है। 

मल्लू रवि ने तैयारियों पर की बात 

कांग्रेस सांसद मल्लू रवि, जो तैयारियों का जायजा लेने के लिए तेलंगाना के अन्य सांसदों के साथ रामलीला मैदान पहुंचे थे, ने कहा कि तैयारियां बड़े पैमाने पर की जा रही हैं। उन्होंने कहा, 'तेलंगाना के हमारे सभी सांसद कल रामलीला मैदान में होने वाली विरोध रैली की तैयारियों का जायजा लेने यहां आए थे। इसे देखकर लगता है कि तैयारियां बहुत बड़े पैमाने पर की जा रही हैं। लोग भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं, जो रामलीला मैदान की क्षमता से कहीं ज्यादा हैं।' 

व्यापारियों ने चिंता जताई 

वहीं इस रैली को लेकर व्यापारियों ने भी चिंता जताई है। 'चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री' (CTI) ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से आग्रह किया है कि वे इस कार्यक्रम को 10 नवंबर के बाद के लिए टाल दें। व्यापारी संगठन ने कहा है कि वे रामलीला मैदान के आसपास के 20 बाजारों में एक पोस्टर अभियान चलाएंगे। उन्होंने चिंता जताई है कि त्योहारों के इस मौसम में ट्रैफिक पाबंदियों और रूट डायवर्जन के कारण कारोबार पर बुरा असर पड़ सकता है। 

CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि इस रैली से प्रमुख बाजारों में व्यापारियों और व्यावसायिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है, खासकर ऐसे समय में जब धनतेरस और दिवाली नजदीक हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि बैरिकेडिंग और ट्रैफिक पाबंदियों की वजह से ग्राहकों के लिए बाजारों तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। हालांकि राहुल गांधी ने संकेत दिया है कि विपक्षी गठबंधन अपनी रैली आयोजित करेगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'पद से हटा दें', तो यह विरोध प्रदर्शन '30 सेकंड' में खत्म हो सकता है। 

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