'पंजाब केसरी' के खिलाफ भ्रामक अफवाहें फैला रही 'आप' सरकार

Edited By Updated: 18 Jan, 2026 01:44 PM

aap government spreading misleading rumours against punjab kesari

आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा मीडिया पर किए जा रहे हमलों के बलते जनता में बढ़ रहे आक्रोश से ध्यान भटकाने के उद्देश्य से अब आप द्वारा 'पंजाब केसरी' समूह और इसके प्रमोटर्स के खिलाफ लगातार झूठी व भ्रामक अफवाहें फैलाई जा ही हैं। इस संबंध में 'पंजाब...

नेशनल डेस्क: आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा मीडिया पर किए जा रहे हमलों के बलते जनता में बढ़ रहे आक्रोश से ध्यान भटकाने के उद्देश्य से अब आप द्वारा 'पंजाब केसरी' समूह और इसके प्रमोटर्स के खिलाफ लगातार झूठी व भ्रामक अफवाहें फैलाई जा ही हैं। इस संबंध में 'पंजाब केसरी' ग्रुप के प्रबंधन निदेशकों श्री विनय कुमार चोपड़ा, श्री अविनाश चोपड़ा और श्री अमित चोपड़ा ने कहा कि पंजाब में चाहे सत्ता में कांग्रेस रही हो, अकाली दल भाजपा या आम आदमी पार्टी 'पंजाब केसरी' ने हर सरकार के कार्यों, नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर निष्पक्ष और निधीक रिपोटिंग की है।

पंजाब सरकार स्वतंत्र पत्रकारिता को दबाने और सरकार के लिए असुविधाजनक खबरों के प्रकाशन को रोकने के उद्देश्य से 'पंजाब केसरी' को 31 अक्तूबर 2025 के बाद से निशाना बना रही है जब अखबारों ने पंजाब सरकार के आवास गैस्ट हाऊस में 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक के ठहरने से संबंधित खबरें प्रकाशित करें।

इन खबरों के तुरंत बाद अगले कुछ दिनों तक राज्य मशीनरी का दुरुपयोग किया गया और 'पंजाब केसरी' व 'जग बाणी' के वितरण में जानबूझकर बाधाएं डाली गई। जब जनता ने पंजाब सरकार की इस कार्रवाई पर सवाल उठाने शुरू किए, तो अपनी गलतियों को छिपाने के लिए सरकार ने आधे अधूरे और निराधार बहाने गड़े और दावा किया कि अखबारों के वितरण वाहनों की जांच नशा/हथियार तस्करी के संदेह में की जा रही थी, जबकि सरकार भली-भांति जानती थी कि यह दावा पूरी तरह झूठा है।

इसके बाद पंजाब सरकार ने आर्थिक दबाव बनाने की रणनीति अपनाई और 'पंजाब केसरी' समूह को दिए जाने चाले सरकारी विज्ञापन पूरी तरह बंद कर दिए। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा अपनाई जा रही ये रणनीतियां 9 जनवरी, 2026 के बाद एक नए निम्न स्तर पर पहुंच गई, जब अखबार ने दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की 'आप' नेता के विवादित भाषण से जुड़े मुद्दे पर निष्पक्ष रिपेरिंग की। स्पष्ट है कि आम आदमी पार्टी की सरकार इस विवाद को सामने नहीं आने देना बाहती थी।

11, 12, 13 और 14 जनवरी को पंजाब भर में पत्र समूह के सभी प्रिंटिंग प्रेसों तथा जालंधर स्थित एक होटल पर विभिन्न सरकारी विभागों-श्रम विभाग, जी. एस. टी. विभाग, आबकारी विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एफ.एस.एस.ए. आई. आदि द्वारा रेड डाली गई। लगभग उसी समय लुधियाना, बठिंडा और जालंधर में भी समानांतर कार्रवाई की गई।

कानून का खुला उल्लंघन करते हुए, बिना किसी नोटिस या सुनवाई के होटल की बिजली तक काट दी गई। इससे उन आम लोगों की भारी परेशानी हुई, जिन्होंने इस सप्ताहांत होटल में शादियों और अन्य कार्यक्रमों के लिए बुकिंग कर रखी थी। यह सब केवल पंजाब केसरी समूह के प्रबंधन को डराने और यह सोचकर किया गया कि वे प्रेस की आवाज को दबा सकेंगे। प्रबंधन ने कानून के तहत अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी कदम उठाए हैं।
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1. प्रिंटिंग प्रैस पर हमला और पुलिस की बर्बरता

15 जनवरी, 2026 को जब जालंधर स्थित प्रिंटिंग प्रेस बंद था, पंजाब सरकार ने लगभग 100 पुलिस कर्मियों की वहां भेजा और ताले तोड़े। पुलिस ने दीवारे कांदी और मौके पर मौजूद कुछ कर्मचारियों के साथ मारपीट की। दावा किया गया कि पुलिस की मौजूदगी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निरीक्षण के लिए थी, जबकि मोहाली और पंजाब के अन्य शहरों में ए.क्यू.आई. 350 तक पहुंच चुका है, वहां खतरनाक और अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले उञ्चोगों पर कारवाई करने के बजाय, दूषण नियंत्रण बोर्ड ने एक प्रिंटिंग प्रेस को निशाना बनाया।
 

2 'आप' सरकार के कार्यकाल में ही होटल को दिए गए शराब के लाइसैंस

यह झूठी अफवाह फैलाई गई कि पंजाब केसरी शराब का कारोबार करता है। चोपड़ा परिवार ने अपने पैतृक शहर जालंधर में केवल 'पार्क प्लाजों होटल का निर्माण किया है। होटल के निर्माण के बाद इसके पेशेवर संचालन के लिए सरोवर ग्रुप को अनुबंधित किया गया। सरोवर ग्रुप पूरे भारत में 150 से अधिक होटलों का संचालन करता है, जिनमें जालंधर के 2 गोलानट्यूलिपऔर सरोवर पोर्टिको भी शामिल है। जो चोपडा परिवार - के स्वामित्य में नहीं है।।

होटल व्यवसथ की शराब व्यवसाय से जोड़ना शर्मनाक है क्योंकि होटल में मेहमानी की शराब परोसना अतिथ्य उद्योग का एक छोटा लेकिन अथश्यक हिस्सा है। होटल के लिए शराब लाइसेंस स्वय आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में ही जारी किए गए। इन लाइ‌सैंसो को मात्र एक दिन में बिना किसी कारण बताओ नोटिस के रद्द कर देना कुछ स्वार्थपूर्ण तकनीकी बहानों के आधार पर किया गया सत्ता का खुला दुरुपयोग है।

3. होटल से 'विषैसे रसायनों का कोई उत्सर्जन नहीं

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 13 जनवरी, 2026 को जालंधर स्थित होटल का निरीक्षण किया। उसी दिन बिना किरी सुनवाई का अवसर दिए अवैध रूप से होटल की बिजली आपुर्तिकाटने के निर्देश जारी कर दिए गए। उस समय होटल गे मेहमान ठहरे हुए थे। अचानक की गई इस कार्रवाई से मेहमानों एवं विवाह आयोजकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा (इस कार्रवाई में होटल सेकाई विपैले रसायनों' का कोई उत्सर्जन न्ही गिता।

4. चंडीगढ़ सैक्टर 25-डी में 'पंजाब केसरी' कार्यालय के निर्माण में कोई अनियमितता नहीं

बंडीगढ़ प्रशासन द्वारा अम आदमी पार्टी (आप) के आरोपों के विपरीत 'पंजाब केसरी' ग्रुप के खिलाफ न तो कोई नोटिस जारी किया गया है और न ही कोई कार्रवाई की गई है। सैक्टर 25-डी, चंडीगढ़ में पंजाब केसरी और दैनिक भास्कर सहित कई समाचार पत्रों के कार्यालय स्थित है और यहां किसी भी प्रकार की पर्यावरणीय समस्या नही है। आप द्वारा प्रसरित किया जा रहा कथित नोटिस केवल पर्यावरणीय स्वीकृति की आवश्यकता की जाच से संबंधित है न कि किसी उल्लघना से पंजाब केसरी को भवन निर्माण की स्वीकृति माननीय उच्च न्यायालय के 3 जुलाई, 2008 के आदेश के बाद विधिवत प्रदान की गई थी। वर्ष 2009 से इली भान से पंजाब केसरी का प्रकाशन कार्य नियमित रूप से संचालित हो रहा है।

किसी के दबाव में नहीं झुकेगा 'पंजाब केसरी'

'आप' द्वारा प्रस्तुत किया गया कथानक पूर्णतः असत्य है। यदि वास्तव में चिता पर्यावरण की है तो न तो समाचार पत्रमुद्रण और नही होटल उद्योग स्वभाव से प्रदूषणकारी उद्योग है। पंजाब केसरी समुह सदैव सर्वेता कार्य प्रणालियों के साथ अपने व्यवसाय का संचालन करता है। यदि कहीं सुधार की आवश्यकता भी हो. ती उसे किया जा सकता है, लेकिन बिना किसी सुनवाई के रातों-रात बंदी के आदेश जारी करना किस प्रकार उचित है? पंजाब केसरी की प्रतिबद्धता अपने पाठकों के प्रति है। अपने प्रागों की परवाह किए बिना चोपड़ा परिवार और पंजाब केसरी समूह के साहसी पत्रकारों ने अलील में उग्रवाद जैसे कठिन दौर में भी निर्भीक पत्रकारित की है। आज भी धमकिया और आर्थिक नुकसान पंजाब केसरी की अपने कर्तव्य से विमुख नहीं कर सकते। पंजाब केसरी समूह की प्रतिबद्धता का प्रमाण यह है कि आज भी वह पंजाब सरकार से जुड़े मुद्दों पर संतुलित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करता आ रहा है जी पाठकों के हित में है। यह किसी दबाव के आगे नहीं झुकेगा।

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