Edited By Anu Malhotra,Updated: 20 May, 2025 07:02 AM

लखनऊ के हजारों खाताधारकों के लिए सोमवार की शाम एक चौंकाने वाली खबर लेकर आई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एचसीबीएल को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने यह सख्त कदम बैंक की खराब वित्तीय हालत और भविष्य की संभावनाओं के अभाव को...
नेशनल डेस्क: लखनऊ के हजारों खाताधारकों के लिए सोमवार की शाम एक चौंकाने वाली खबर लेकर आई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एचसीबीएल को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने यह सख्त कदम बैंक की खराब वित्तीय हालत और भविष्य की संभावनाओं के अभाव को देखते हुए उठाया है।
क्यों रद्द हुआ बैंक का लाइसेंस?
आरबीआई के मुताबिक, बैंक के पास न तो पर्याप्त पूंजी है और न ही मुनाफा कमाने की कोई ठोस संभावना। बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत जरूरी शर्तों को पूरा करने में विफल रहने के कारण इस पर रोक लगाई गई है। रिजर्व बैंक ने साफ कहा है कि एचसीबीएल का संचालन आगे जारी रखना ग्राहकों और जमाकर्ताओं के हित में नहीं है।
क्या होगा ग्राहकों के पैसों का?
लाइसेंस रद्द होने के साथ ही बैंक का सारा कामकाज ठप कर दिया गया है। अब ग्राहक न तो अपने खातों में पैसे जमा कर सकेंगे और न ही निकासी कर पाएंगे। हालांकि घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के तहत 5 लाख रुपये तक की राशि बीमा कवर में सुरक्षित है।
बैंक के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 98.69% खाताधारक अपनी पूरी जमा राशि प्राप्त करने के योग्य हैं। 31 जनवरी 2025 तक DICGC पहले ही ₹21.24 करोड़ की बीमित राशि का भुगतान कर चुका है।
आगे क्या?
RBI ने उत्तर प्रदेश के को-ऑपरेटिव कमिश्नर और रजिस्ट्रार को निर्देश दिया है कि बैंक को पूरी तरह बंद कर दिया जाए और एक लिक्विडेटर (परिसमापक) नियुक्त किया जाए, जो बैंक की संपत्तियों और दायित्वों को निपटाएगा।
पहले भी हुई हैं ऐसी कार्रवाइयां
यह पहली बार नहीं है जब आरबीआई ने किसी सहकारी बैंक पर कार्रवाई की हो। अप्रैल 2025 में भी अहमदाबाद के कलर मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक, औरंगाबाद के अजंता अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक और जालंधर के इंपीरियल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के लाइसेंस रद्द किए गए थे।