Edited By Mehak,Updated: 23 Jan, 2026 02:45 PM

गुरुवार को गिरावट के बाद शुक्रवार को सोना और चांदी की कीमतों में तेज उछाल आया। MCX पर चांदी 3,39,927 रुपये प्रति किलो और सोना 1,59,226 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। निवेशकों ने गिरावट के बाद जमकर खरीदारी की। ETF में भी तेजी रही। डॉलर इंडेक्स...
नेशनल डेस्क : गुरुवार को भारी गिरावट देखने के बाद शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेज उछाल दर्ज किया गया। Multi Commodity Exchange (MCX) पर दोनों कीमती धातुएं नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गईं। इससे एक दिन पहले चांदी करीब 20 हजार रुपये और सोना लगभग 4 हजार रुपये तक सस्ता हुआ था, जिससे बाजार में हलचल मच गई थी।
शुक्रवार को MCX पर 5 मार्च वायदा वाली चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत में चांदी करीब 13 हजार रुपये उछलकर 3,39,927 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। हालांकि दोपहर 12:30 बजे तक इसमें कुछ मुनाफावसूली दिखी और चांदी 7 हजार रुपये की तेजी के साथ 3,34,505 रुपये प्रति किलो पर कारोबार करती नजर आई।
इसी तरह सोने की कीमतों ने भी नया रिकॉर्ड बनाया। MCX पर 5 फरवरी वायदा वाला 10 ग्राम सोना 1,59,226 रुपये तक पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में इसमें 3 हजार रुपये से ज्यादा की तेजी आई थी, जबकि दोपहर तक सोना करीब 1,300 रुपये चढ़कर 1,57,728 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा।
गुरुवार को क्यों गिरे थे दाम?
गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में आई तेज गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय संकेत बड़ी वजह रहे। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कुछ बयानों से बाजार में असमंजस की स्थिति बनी। उन्होंने ग्रीनलैंड को लेकर यूरोप के साथ किसी भी संभावित समझौते को आपसी सहमति से जोड़ने की बात कही थी। इसके अलावा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भी उनके बयान आए, जिससे निवेशकों का रुझान कुछ समय के लिए जोखिम वाले एसेट्स की ओर बढ़ गया और सोने-चांदी पर दबाव दिखा।
शुक्रवार को फिर क्यों आई तेजी?
विशेषज्ञों के मुताबिक, गुरुवार की भारी गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी का मौका देखा। सोने और चांदी में आगे और तेजी की उम्मीद में जमकर खरीदारी हुई, जिससे कीमतें फिर ऊपर चढ़ गईं। इसके अलावा गोल्ड और सिल्वर ETF में भी मजबूत निवेश देखने को मिला। भारी खरीदारी के चलते इन ETF में करीब 8 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई। डॉलर इंडेक्स में भी हल्की मजबूती रही और यह 98 के ऊपर बना हुआ है, जिससे कीमती धातुओं को सपोर्ट मिला।
शेयर बाजार में जारी दबाव के कारण भी निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में सोना और चांदी एक बार फिर सेफ हेवन एसेट के तौर पर पसंद किए जा रहे हैं। वहीं चांदी की औद्योगिक मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है, जिससे लंबी अवधि में इसके दाम ऊंचे बने रहने की संभावना जताई जा रही है।
निवेशकों के लिए क्या सलाह है?
अगर आप सोने या चांदी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो विशेषज्ञ सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि एकमुश्त निवेश करने के बजाय बड़ी गिरावट के समय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खरीदारी करना बेहतर रणनीति हो सकती है। इससे जोखिम कम रहेगा और आपका पोर्टफोलियो ज्यादा स्थिर बना रहेगा।