Edited By Mehak,Updated: 04 Jan, 2026 06:35 PM

हवाई यात्रा करने वालों के लिए DGCA ने पावर बैंक को लेकर नए नियम जारी किए हैं। अब फ्लाइट के दौरान पावर बैंक से मोबाइल या अन्य डिवाइस चार्ज करने की अनुमति नहीं होगी। पावर बैंक और स्पेयर लिथियम बैटरी केवल केबिन बैगेज में ही रखी जा सकेंगी। यह फैसला...
नेशनल डेस्क : अगर आप फ्लाइट से सफर करते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए जरूरी है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत में हवाई यात्रा के दौरान पावर बैंक और लिथियम बैटरी वाले उपकरणों को लेकर सख्त नियम लागू किए गए हैं। Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने फ्लाइट के अंदर पावर बैंक के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। खासतौर पर उड़ान के दौरान मोबाइल या अन्य डिवाइस को पावर बैंक से चार्ज करना अब मना है। यह फैसला दुनिया के कई देशों में पावर बैंक से आग लगने की घटनाओं के बाद लिया गया है।
केबिन बैगेज में ही ले जा सकेंगे पावर बैंक
DGCA की गाइडलाइंस के मुताबिक, पावर बैंक और अतिरिक्त (स्पेयर) लिथियम बैटरी केवल हैंड बैगेज या केबिन बैगेज में ही रखी जा सकती हैं। इन्हें चेक-इन लगेज में ले जाने की अनुमति नहीं है। साथ ही, पावर बैंक को ओवरहेड केबिन में रखने की बजाय अपने पास रखना होगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
क्यों खतरनाक हैं लिथियम बैटरी?
लिथियम बैटरी में ज्यादा ऊर्जा होती है और अगर इनमें आग लग जाए, तो वह तेजी से फैल सकती है। विमान के अंदर ऐसी आग यात्रियों और क्रू मेंबर्स के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। एविएशन सेफ्टी एक्सपर्ट्स का कहना है कि ओवरहेड स्टोरेज में आग लगने की स्थिति में उसे समय रहते काबू में करना मुश्किल हो जाता है।
यात्रियों को दी जा रही है जानकारी
एयरलाइंस अब बोर्डिंग के समय और फ्लाइट के दौरान अनाउंसमेंट के जरिए यात्रियों को इन नियमों की जानकारी दे रही हैं। यात्रियों से अपील की जा रही है कि वे पावर बैंक से जुड़े नियमों का पालन करें, ताकि उनकी अपनी सुरक्षा के साथ-साथ सभी यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।