Edited By Ashutosh Chaubey,Updated: 01 Jun, 2025 10:53 AM

पूर्वोत्तर भारत से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता अजित पवार को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। नागालैंड में एनसीपी के सातों विधायक अब नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (NDPP) में शामिल हो गए हैं।
नेशनल डेस्क: पूर्वोत्तर भारत से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता अजित पवार को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। नागालैंड में एनसीपी के सातों विधायक अब नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (NDPP) में शामिल हो गए हैं। इस घटनाक्रम ने न सिर्फ एनसीपी की स्थिति कमजोर कर दी है बल्कि मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो के नेतृत्व वाली NDPP को पूर्ण बहुमत भी दिला दिया है। इस ताजा विलय के बाद नागालैंड की 60 सदस्यीय विधानसभा में NDPP की सीटें 25 से बढ़कर 32 हो गई हैं। गठबंधन में पहले से मौजूद भाजपा के 12 विधायक भी सरकार को समर्थन दे रहे हैं। अब NDPP और भाजपा मिलकर 44 सीटों पर काबिज हैं, यानी बहुमत के आंकड़े (31 सीटें) से कहीं आगे।
2023 में NCP बनी थी तीसरी सबसे बड़ी पार्टी
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में नागालैंड में NCP ने 12 सीटें जीतकर तीसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सबको चौंकाया था। उस समय शरद पवार की एनसीपी दो धड़ों में बंटी थी और नागालैंड इकाई ने अजित पवार गुट का समर्थन किया था। लेकिन अब उसी गुट को नागालैंड में अपनी जमीन गंवानी पड़ी है।
कैसे हुआ विधायकों का विलय?
नागालैंड विधानसभा अध्यक्ष शारिंगैन लोंगकुमेर ने विधायकों के NDPP में विलय को मंजूरी दे दी है। सातों विधायकों ने खुद उपस्थित होकर विधानसभा सचिवालय में अपना लिखित पत्र सौंपा जिसमें NDPP में शामिल होने की इच्छा जाहिर की गई थी। यह प्रक्रिया दसवीं अनुसूची (दलबदल कानून) के तहत पूरी की गई है।
सरकार के प्रवक्ता ने क्या कहा?
राज्य सरकार में मंत्री और प्रवक्ता के जी केन्ये ने इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए कहा कि, “आज शाम 7 NCP विधायकों ने NDPP में विलय का पत्र सौंपा जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया है। इस कदम से हमारी सरकार और मुख्यमंत्री को और मजबूती मिलेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि सीटों के बंटवारे का कोई स्थायी फॉर्मूला नहीं होता और इसे समय-समय पर समीकरणों के अनुसार देखा जाएगा।
अब किस पार्टी के कितने विधायक?
नागालैंड की विधानसभा में दलों की मौजूदा स्थिति इस प्रकार है:
अब NCP का विधायकों के स्तर पर कोई प्रतिनिधित्व नहीं बचा है।