Edited By Anu Malhotra,Updated: 02 Mar, 2026 08:11 PM

ईरान के राजनीतिक गलियारों और आम जनता के बीच शोक की लहर है। बीते शनिवार को तेहरान स्थित सुप्रीम लीडर के कार्यालय और आवास पर हुए घातक हमले में अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौके पर ही मौत हो गई थी। उसी हमले में उनकी पत्नी मंसूरे खोजस्ते बागेरज़ादेह गंभीर...
Khamenei Wife Died: ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध की आहट के बीच, सोशल मीडिया पर ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के निजी जीवन को लेकर एक भावुक संदेश तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि खामेनेई ने अपने 60 साल के वैवाहिक जीवन में कभी अपनी पत्नी से एक गिलास पानी तक नहीं मांगा। लेकिन, क्या यह दावा पूरी तरह सही है या इतिहास के पन्नों में इसका नायक कोई और है? आइए जानते हैं ईरान की सबसे रहस्यमयी महिला और इस वायरल सच की पूरी कहानी।
मंसूरे खोजस्ते बागेरज़ादेह: सत्ता के शिखर के पीछे की खामोश ताक त
ईरान की राजनीति में जहां हर चेहरा चर्चा में रहता है, वहीं आयतुल्लाह अली खामेनेई की पत्नी मंसूरे खोजस्ते बागेरज़ादेह को 'सबसे अदृश्य पहली महिला' (The Invisible First Lady) कहा जाता है। हमले में घायल हुई खामेनेई की पत्नी का आज अस्पताल में निधन हो गया है। बता दें कि1947 में मशहद के एक प्रतिष्ठित और धार्मिक व्यापारी परिवार में जन्मी मंसूरे ने कभी भी कैमरों की चमक या सत्ता की चकाचौंध को नहीं चुना। उनके पिता, मोहम्मद इस्माइल, इलाके के जाने-माने व्यापारी थे। मंसूरे का जीवन हमेशा से धार्मिक मूल्यों और सादगी के इर्द-गिर्द सिमटा रहा, यही कारण है कि उनकी सार्वजनिक तस्वीरें या वीडियो न के बराबर उपलब्ध हैं।
संघर्षों से भरा 1964 का वो सफर: 17 की उम्र में निकाह और फिर जेल की दीवारें
खामेनेई और मंसूरे का मिलन 1964 में एक अरेंज मैरिज के जरिए हुआ था। उस वक्त मंसूरे की उम्र मात्र 17 वर्ष थी। शादी के शुरुआती साल किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं थे। खामेनेई उस समय शाह के शासन के खिलाफ क्रांतिकारी गतिविधियों में शामिल थे, जिसके कारण उन्हें बार-बार जेल जाना पड़ा। उस कठिन दौर में मंसूरे ने न केवल अपने 6 बच्चों (4 बेटे और 2 बेटियां) की परवरिश की, बल्कि जेल की सलाखों के पीछे बंद अपने पति का संबल भी बनी रहीं। 1993 के एक अत्यंत दुर्लभ साक्षात्कार में उन्होंने स्वीकार किया था कि खामेनेई एक बेहद ख्याल रखने वाले और समर्पित जीवनसाथी हैं।
क्या है वायरल पोस्ट का सच: खामेनेई या इमाम खुमैनी?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा 'एक गिलास पानी' वाला किस्सा दरअसल एक ऐतिहासिक भ्रम है। सच्चाई यह है कि यह बयान आयतुल्लाह अली खामेनेई की पत्नी का नहीं, बल्कि ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता इमाम खुमैनी (रूहुल्लाह खुमैनी) की पत्नी का है। इमाम खुमैनी की जीवनी और उनकी यादों पर आधारित किताबों, जैसे 'पा बे पाये आफताब' में उनके परिवार ने जिक्र किया है कि खुमैनी ने 60 साल के साथ में कभी अपनी पत्नी को आदेश नहीं दिया। वे अपना काम स्वयं करते थे और अगर उन्हें पानी चाहिए होता था, तो वे बस पूछते थे कि "क्या पानी यहाँ नहीं है?" ताकि उनकी पत्नी को जबरन उठकर सेवा न करनी पड़े।