Edited By Parveen Kumar,Updated: 16 May, 2025 12:23 AM

बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने पाकिस्तान की सेना के खिलाफ अपने "ऑपरेशन हेरोफ" के तहत 9 मई को किए गए हमले की जिम्मेदारी ली है। इस हमले में पाकिस्तानी सेना के 14 सैनिक मारे गए थे। यह हमला पंजगुर जिले के मज़बूराबाद के बोनिस्तान क्षेत्र में हुआ था, जहां...
नेशनल डेस्क: बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने पाकिस्तान की सेना के खिलाफ अपने "ऑपरेशन हेरोफ" के तहत 9 मई को किए गए हमले की जिम्मेदारी ली है। इस हमले में पाकिस्तानी सेना के 14 सैनिक मारे गए थे। यह हमला पंजगुर जिले के मज़बूराबाद के बोनिस्तान क्षेत्र में हुआ था, जहां एक शक्तिशाली विस्फोट ने पाकिस्तानी सेना के बुलेटप्रूफ वाहन को नष्ट कर दिया।
बीएलए का दावा
बीएलए ने अपने हमले का वीडियो भी जारी किया है, जिसमें पाकिस्तानी सेना के काफिले पर हमले की पुष्टि की गई है। बलूच लिबरेशन आर्मी के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने कहा कि बीएलए के स्वतंत्रता सेनानियों ने पाकिस्तानी सेना और उनके द्वारा आयोजित विजय समारोहों को निशाना बनाया। उन्होंने क्वेटा और मस्तंग में पाकिस्तानी सेना पर हमले किए, जिसमें एक एजेंट की मौत और 12 लोग घायल हो गए।
क्वेटा में रैली पर हमला
बीएलए ने एक प्रेस रिलीज में बताया कि क्वेटा में आयोजित एक "विजय समारोह" पर भी हमला किया गया था। यह रैली पाकिस्तानी सेना द्वारा आयोजित की गई थी, जिसका नेतृत्व एमपीए अली मदद जट्टक कर रहे थे। बीएलए ने रैली से पहले सशस्त्र दस्ते के एजेंटों को निशाना बनाया, जिसके परिणामस्वरूप एक एजेंट की मौत और 12 लोग घायल हुए।
मस्तुंग में पाक सेना पर ग्रेनेड हमला
बीएलए ने मस्तुंग में पाकिस्तानी सेना पर किए गए ग्रेनेड हमले की भी जिम्मेदारी ली। इस हमले में 4 पाकिस्तानी सैनिक घायल हो गए। बीएलए ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना तलाशी के नाम पर बलूच नागरिकों का अपमान करती थी, जिसमें महिलाएं और बुजुर्ग भी सुरक्षित नहीं थे।
भविष्य में हमले जारी रखने का ऐलान
बीएलए ने अंत में यह भी कहा कि वह इन हमलों की जिम्मेदारी पूरी तरह से स्वीकार करता है और भविष्य में भी ऐसे हमले जारी रखेगा। बलूचिस्तान की आज़ादी के लिए बीएलए का संघर्ष और भी तेज होगा, और पाकिस्तान की सेना को इस संघर्ष का सामना करना पड़ेगा।