BSNL का होने जा रहा प्राइवेटाइजेशन पर सस्पेंस खत्म, लोकसभा में सिंधिया ने दिया बड़ा जवाब

Edited By Updated: 20 Mar, 2026 01:46 PM

bsnl jyotiraditya scindia lok sabha 5g 4g network

सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL के भविष्य को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर अब पूरी तरह विराम लग गया है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में यह साफ कर दिया है कि बीएसएनएल का निजीकरण करने का सरकार का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने बड़े गर्व...

नेशनल डेस्क: सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL के भविष्य को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर अब पूरी तरह विराम लग गया है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में यह साफ कर दिया है कि BSNL का निजीकरण करने का सरकार का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने बड़े गर्व के साथ कहा कि यह कंपनी देश की जनता की है और हमेशा उन्हीं की सेवा के लिए समर्पित रहेगी। सरकार का पूरा ध्यान फिलहाल BSNL को और अधिक मजबूत बनाने और इसकी सेवाओं का विस्तार करने पर टिका है।

विदेशी उपकरणों के बजाय स्वदेशी 'दम' पर भरोसा
सिंधिया ने 4G नेटवर्क के विस्तार की चर्चा करते हुए एक महत्वपूर्ण बात साझा की। उन्होंने बताया कि जब बीएसएनएल के सामने 4G रोलआउट की चुनौती थी, तब उनके पास दो रास्ते थे। पहला रास्ता था चीन, फिनलैंड या स्वीडन जैसी विदेशी कंपनियों से उपकरण खरीदकर काम आसान करना। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साहसिक फैसला लिया। उन्होंने तय किया कि भारत केवल सेवाओं का उपभोग नहीं करेगा, बल्कि अपनी खुद की तकनीक और उपकरण (डिजिटल स्टैक) तैयार करेगा। आज भारत दुनिया के उन गिने-चुने चार देशों में शामिल हो गया है जो टेलीकॉम उपकरण बनाने की क्षमता रखते हैं।

ग्राहकों की बढ़ती संख्या और 5G की तैयारी
सरकार की इन कोशिशों का असर भी अब दिखने लगा है। आंकड़ों के मुताबिक, बीएसएनएल के ग्राहकों की संख्या 8.55 करोड़ से बढ़कर अब 9.27 करोड़ तक पहुंच गई है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि हालांकि 5G तकनीक को जल्द से जल्द शुरू करने की योजना है, लेकिन सरकार की प्राथमिकता पहले 4G नेटवर्क को पूरी तरह स्थिर और मजबूत बनाना है। एक बार 4G का आधार पक्का हो जाने के बाद 5G की राह और आसान हो जाएगी।

विवादों के बीच स्पष्ट संदेश
यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में बीएसएनएल के एक डायरेक्टर के 'रॉयल प्रोटोकॉल' और फिजूलखर्ची को लेकर काफी विवाद हुआ था, जिसके बाद उनका दौरा तक रद्द करना पड़ा। लेकिन सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि व्यक्तिगत विवादों से अलग, संस्था के तौर पर बीएसएनएल का पुनरुद्धार सरकार की प्राथमिकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी पहले राज्यसभा में कंपनी को फिर से खड़ा करने के लिए सरकारी प्रतिबद्धता दोहराई थी।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!