Edited By Pardeep,Updated: 02 Feb, 2026 12:24 AM

केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होते ही सरकार ने सिगरेट और तंबाकू इस्तेमाल करने वालों को बड़ा झटका दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर नया टैक्स ढांचा लागू करने की घोषणा की, जो 1 फरवरी 2026 से तुरंत...
नेशनल डेस्कः केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होते ही सरकार ने सिगरेट और तंबाकू इस्तेमाल करने वालों को बड़ा झटका दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर नया टैक्स ढांचा लागू करने की घोषणा की, जो 1 फरवरी 2026 से तुरंत प्रभावी हो गया है।
इस बदलाव के बाद देशभर में सभी तरह की सिगरेटों की कीमतें अचानक बढ़ गई हैं। दुकानदारों ने नई दरें लागू कर दी हैं और धूम्रपान करने वाले लोगों को पहले से कहीं ज्यादा पैसे चुकाने पड़ रहे हैं। सरकार का कहना है कि इसका मकसद लोगों को धूम्रपान से दूर करना और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना है।
रातों-रात सिगरेट महंगी क्यों हुई?
अब तक सिगरेट पर टैक्स का जो सिस्टम लागू था, उसमें 28% जीएसटी और उसके ऊपर कंपनसेशन सेस शामिल था। यह व्यवस्था 2017 से लागू थी। लेकिन बजट 2026 में सरकार ने इस पुराने मॉडल को खत्म कर दिया।
अब नया सिस्टम लागू हुआ है, जिसमें शामिल हैं:
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नई एक्साइज ड्यूटी
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हेल्थ सेस (स्वास्थ्य कर)
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नेशनल सिक्योरिटी सेस (राष्ट्रीय सुरक्षा कर)
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इसके ऊपर 40% तक बढ़ा हुआ जीएसटी
इस तीन-स्तरीय टैक्स मॉडल को विशेषज्ञ “टैक्स ट्रायंगल” कह रहे हैं। इस वजह से सिगरेट की कीमतें बहुत तेजी से बढ़ गई हैं और आम उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर पड़ा है।
₹10 वाली सिगरेट अब कितने की मिलेगी?
पहले जो सिगरेट लगभग ₹10 प्रति स्टिक मिलती थी, उस पर अब नई एक्साइज ड्यूटी लग गई है। हर सिगरेट पर करीब ₹2–₹3 अतिरिक्त टैक्स जोड़ दिया गया है। नई कीमत: लगभग ₹12–₹13 प्रति सिगरेट
अगर पूरा पैक देखें तो असर और साफ दिखता है:
इसका मतलब है कि रोज़ धूम्रपान करने वालों का मासिक खर्च काफी बढ़ जाएगा।
लंबी और प्रीमियम सिगरेट पर ज्यादा असर
सरकार ने टैक्स बढ़ोतरी सिगरेट की लंबाई के आधार पर तय की है:
डिजाइनर/नॉन-स्टैंडर्ड सिगरेट पर सबसे बड़ा झटका
इन पर टैक्स बढ़ोतरी: ₹8.50 प्रति स्टिक
मार्केट के अनुमान के मुताबिक जो सिगरेट पहले ₹15–₹18 प्रति स्टिक बिकती थी, वही अब ₹70–₹72 प्रति स्टिक तक पहुंच सकती है। इससे प्रीमियम धूम्रपान पहले से कई गुना महंगा हो जाएगा।
सरकार का असली मकसद क्या है?
सरकार का कहना है कि सिगरेट और तंबाकू स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं। कीमतें बढ़ाकर लोगों को धूम्रपान छोड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। खासकर युवाओं और पहली बार धूम्रपान करने वालों को रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही सरकार को टैक्स से ज्यादा राजस्व भी मिलेगा, जिसे स्वास्थ्य और विकास योजनाओं में इस्तेमाल किया जा सकता है।