Edited By Parveen Kumar,Updated: 26 Sep, 2023 02:45 AM

केंद्र सरकार ने भारतीय विज्ञान कांग्रेस संघ पर 'एकतरफा फैसले' लेने का आरोप लगाते हुए सोमवार को खुद को इससे अलग कर लिया।
नेशनल डेस्क: केंद्र सरकार ने भारतीय विज्ञान कांग्रेस संघ पर 'एकतरफा फैसले' लेने का आरोप लगाते हुए सोमवार को खुद को इससे अलग कर लिया। सरकार ने यह फैसला भारतीय विज्ञान कांग्रेस संघ द्वारा भारतीय विज्ञान कांग्रेस (आईएससी)-2024 के आयोजन स्थल को लखनऊ विश्वविद्यालय से बदलकर जालंधर स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी किए जाने के बाद लिया है।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने वैज्ञानिक विभागों के सभी सचिवों को एक नोटिस जारी कर कहा कि सरकार ने यह भी फैसला किया है कि 2024 में होने वाले आईएससी कार्यक्रम के लिए डीएसटी की ओर से अब किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं दिया जाएगा। भारतीय विज्ञान कांग्रेस संघ, वर्ष 1914 से हर साल भारतीय विज्ञान कांग्रेस (आईएससी) का आयोजन कर रहा है, जिसका आजादी के बाद से उद्धघाटन प्रधानमंत्री करते आ रहे हैं।
भारतीय विज्ञान कांग्रेस, वैज्ञानिकों की एक वार्षिक सभा है। सम्मेलन के आयोजन को लेकर पिछले कुछ वर्षों से सरकार और आईएससीए के बीच गतिरोध रहा है। सरकार, वर्ष 2015 से भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ) को एक समानांतर कार्यक्रम के रूप में चलाती आ रही है। सोमवार को जारी नोटिस में डीएसटी ने कहा कि आईएससीए ने आईएससी कार्यक्रम को लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (पंजाब में) में स्थानांतरित करने का एकतरफा निर्णय लिया है।